बिहुला की गाथा से जुड़ी मंजूषा कला को मिला राष्ट्रीय सम्मान, कलाकारों ने जताया गर्व
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नवगछिया: नवगछिया की बेटी बिहुला की अमर गाथा से जुड़ी मंजूषा पेंटिंग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। महामहिम राष्ट्रपति द्वारा मंजूषा पेंटिंग से सुसज्जित साड़ी धारण किए जाने की खबर से नवगछिया सहित पूरे बिहार के मंजूषा कलाकारों में उत्साह और गर्व का माहौल है।
मंजूषा पेंटिंग की मूल नायिका बिहुला हैं, जिनकी जीवनगाथा और लोकपरंपरा को यह प्राचीन कला जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति द्वारा इस कला से निर्मित साड़ी पहनना कलाकारों के लिए सम्मान और गौरव का विषय माना जा रहा है।

मंजूषा पेंटिंग एवं बिहुला विषहरी परंपरा के उपासक मुकेश राणा ने कहा कि यह केवल नवगछिया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्वारा बिहार की पारंपरिक मंजूषा पेंटिंग से सजी साड़ी को अपनाना राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की सकारात्मक पहल है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व राष्ट्रपति भवन में मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने महामहिम राष्ट्रपति को मंजूषा पेंटिंग से निर्मित यह साड़ी भेंट की थी। इस अवसर पर उन्हें नवगछिया की बेटी बिहुला और विषहरी परंपरा से जुड़ी मंजूषा कला की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता से भी अवगत कराया गया था।
राष्ट्रपति द्वारा इस साड़ी के उपयोग के बाद मंजूषा कलाकारों को उम्मीद है कि बिहार की इस प्राचीन लोककला को देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी और इससे जुड़े कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
