भागलपुर/राघोपुर: भागलपुर के राघोपुर इलाके में पिछले करीब सात दिनों से गंगा का कटाव लगातार जारी है। नदी की तेज और रौद्र धारा के कारण करीब 40 हजार की आबादी बाढ़ और कटाव के प्रभाव में है। नदी किनारे बसे लोगों के सामने घर, जमीन और तटबंध बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालात को देखते हुए जल संसाधन विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।

बोरी-मिट्टी से बचाने की कोशिश, तेज धारा बनी चुनौती

राघोपुर में जल संसाधन विभाग की टीम तट को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर कटावरोधी कार्य कर रही है। तेज धारा के बीच जमीन को बचाने के लिए बोरी, मिट्टी समेत अन्य तकनीकी उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि गंगा के लगातार दबाव के कारण कटावरोधी कार्य भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

कटाव क्षेत्र पहुंचे सांसद अजय मंडल

कटाव प्रभावित क्षेत्र का सांसद अजय मंडल ने भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं से बातचीत कर कटावरोधी कार्य और तट की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सांसद ने जल संसाधन विभाग और वहां काम कर रहे अभियंताओं पर गंभीर आरोप लगाए।

अजय मंडल ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से काम में पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि “बगैर व्यवस्था के काम हुआ। सिर्फ पैसे का खेल हुआ। ठेकेदार को बचाने का काम किया गया। जांच हो तो विभाग के सभी अधिकारी फंसेंगे।”

सांसद ने कहा कि वह सरकार से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को संसद में उठाया जाएगा।

गंगा मैया से सांसद ने की भावुक अपील

कटाव की भयावह स्थिति को देखते हुए सांसद अजय मंडल ने गंगा मैया से भावुक अपील भी की। उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि “गंगा मां, अब बस करिए। हम आपके शरण में हैं, उबार दीजिए। गलत-सही हुआ हो तो माफ कीजिए।”

सीएम लगातार ले रहे कटाव की रिपोर्ट

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार राघोपुर समेत राज्य के विभिन्न कटाव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को गंभीरता से देख रही है। मुख्यमंत्री स्तर पर भी लगातार हालात की समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कटाव की समस्या बनी हुई है, वहां जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद देर रात तक स्थिति का रिव्यू कर रहे हैं। मंत्री के अनुसार रात करीब एक बजे तक जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ कटाव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई।

सरकार की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों में बदलाव के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों को डर- ‘कटाव जारी रहा तो बस्ती खत्म हो जाएगी’

स्थानीय निवासी सुदीप मंडल ने कहा कि इस बार गंगा का रौद्र रूप पहले से ज्यादा भयावह नजर आ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो कई और बस्तियां इसकी चपेट में आ सकती हैं।

प्रभावित परिवार प्रशासन से सुरक्षा, राहत और स्थायी कटावरोधी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तत्काल बचाव कार्य के साथ-साथ भविष्य में कटाव रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।

पहले से कटाव के लिहाज से संवेदनशील है राघोपुर

राघोपुर क्षेत्र पहले से ही गंगा कटाव की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। इस बार नदी के बढ़ते दबाव और लगातार कटाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें हालात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं।

फिलहाल राघोपुर में कटावरोधी कार्य जारी है। प्रशासन की नजर गंगा के जलस्तर और धारा की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में नदी की स्थिति के आधार पर बचाव और राहत की रणनीति में बदलाव किया जाएगा।

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By न्यूज़ डेस्क

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