खरीक : खरीक के राघोपुर में गंगा नदी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. राघोपुर के समीप गंगा नदी की तेज जलधारा सीधा राघोपुर ब्रह्मबाबा स्थान पर ठोकर मार रही है. जलस्तर में थोड़ी गिरावट होने के साथ ब्रह्म बाबा स्थान के समीप भीषण कटाव शरू हो गया है. तकरीबन पांच सौ मीटर के दायरे में भीषण कटाव शुरू हो गया है. कटाव की रफ्तार तेज होने से ब्रह्मबाबा स्थान के अस्तित्व सर संकट का बादल मंडराने लगा है. ब्रह्म बाबा स्थान के समीप हो रहे कटाव को यदि अभिलंब स्थाई तौर नहीं रोका गया तो खरीक प्रखंड की तकरीबन आधी आबादी बाढ़ की चपेट में आ जाएगी. प्रखंड के 13 पंचायतों में से 8 पंचायतों की तकरीबन 80 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित होगी.तटबंध बचाने के लिए अब तक मुकम्मल प्रयास नहीं हो पा रहा है. जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत है.
रेन कट से तटबंध जर्जर रेन कट से काजीकोरिया से राघोपुर तक तटबंध कई जगह पर जर्जर हो गया है. रेनकट से बांध के कई जगहों पर उभर आई है.बांध कई जगहों पर कमजोर हो गया है. जर्जर बांध को अविलंब मरम्मत नहीं किया गया तो ना नदी के जल स्तर बढ़ने पर क्षेत्र के लोगों को जल प्रलय की समस्या से जूझना पड़ेगा. लोग इस बात से चिंतित और काफी परेशान है. विभाग को तनिक भी इस बात की परवाह नहीं है.
खैरपुर के समीप तटबंध पर खतरा
खैरपुर के समीप बोल्डर पीचिंग तटबंध पर खतरा बरकरार है स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि किस जगह पर 2007 में दलदली हो जाने के कारण तटबंध ध्वस्त हो गया था और भीषण तबाही मची थी. दोनों तरफ दलदली हो जाने से बाढ़ के पानी का रिसाव स्कूल की तरफ होने लगता है. जिससे तटबंध ध्वस्त होने की संभावना बढ़ जाती है. स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग से अविलंम्ब तटबंध मरम्मती की मांग की है.
कोसी से मैरचा में हो रहा है भीषण कटाव
कोसी तटीय इलाकों में भीषण कटाव का कहर बरपा रही है. सिहकुण्ड में भीषण कटाव का सिलसिला जारी है. फ्लड फाइटिंग के नाम पर महज खानापूर्ति हुई है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है सिहकुण्ड में विभाग कटाव रोकने का प्रयास नहीं कर रही है. ग्रामीण आविद, सुबोध यादव समेतअन्य लोगों का कहना है की सिहकुण्ड में कटाव के नाम पर महज खाना पूर्ती हुई है. व्याप्त भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रहा है.मैरचा में भी भीषण कटाव हो रहा है.कटाव की भयावहता से परेशान लोग गांव से पलायन करने लगे हैं. कटाव का दायरा बढ़ता जा रहा है. रतनपुरा भी कटाव के दायरे में आ गया है. कटाव नियंत्रित नहीं होने से इलाके में भीषण तबाही मचेगी.