दिल्ली : अभी राजनितिक दलों के बीच राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है. इस बीच आज चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा कर दी है. अब सत्ता पक्ष और विपक्ष में उपराष्ट्रपति उम्मीदवारी को लेकर सरगर्मी तेज हो जायेगी.
उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया. उपराष्ट्रपति उम्मीदवारी को लेकर कई नाम आ चुके हैं. सत्ता पक्ष की तरफ से कई नाम चर्चा में आ चुके हैं. अभी इस रेस में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू का नाम सबसे आगे है लेकिन वे इसके लिए पहले भी कई बार मना कर चुके हैं. इस वजह से इस रेस में उनके अलावे कई बड़े नाम आ रहे हैं. इसमें गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल, राज्यपाल नजमा हेपतुल्लाह का नाम जोरो से चर्चा में है. लेकिन जिस नाम पर सबसे ज्यादा गहनता से विचार किया जा रहा है उसमे बिहार से वरिष्ठ बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव हैं.
हुकुमदेव नारायण यादव पाँचवी बार लोकसभा पहुंचे हैं. दरअसल भाजपा शीर्ष नेतृत्व हुकुमदेव नारायण यादव को उपराष्ट्रपति बनाकर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए एक सन्देश चाहती है. हुकुमदेव नारायण यादव बिहार के ओबीसी से आते हैं और यादव को उपराष्ट्रपति बनाकर बिहार के ओबीसी मतदाताओं खासकर लालू प्रसाद के यादव वोट में सेंध लगाना चाहती है.

1960 में ग्राम प्रधान से अपने राजनीति की शुरुआत करने वाले हुकुमदेव नारायण यादव पहली बार 1967 में विधायक चुने गए. पहली बार सांसद वह 1977 में बने इसके जबकि भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता उन्होंने 1993 में लिया. खास बात यह है की देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रीमंडल में वो केंद्रीय मंत्री बने हैं. उत्तरप्रदेश चुनाव में ओबीसी समुदाय ने जिस तरह बीजेपी का साथ दिया है उसी तरह बिहार में यह प्रयोग करना चाहती है.
हुकुमदेव नारायण यादव किसानों के नेता के रूप में जाने जाते हैं. दूसरी तरफ केंद्र सरकार किसानों के वर्त्तमान हालत पर चारो तरफ से घिरी हुई है मध्यप्रदेश में किसानों के ऊपर गोली चलाने के बाद बीजेपी की खूब किरकिरी हुई है. ऐसे में बीजेपी की मोदी सरकार दलित के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए राष्ट्रपति चुनाव में दलित कार्ड खेली है उसके बाद अब किसानों के ऊपर अपना ध्यान फोकस करने में जुटी है. ताकि किसान आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए दलित के बाद एक किसान के बेटे को उपराष्ट्रपति बनाया जाय. खैर जो भी हो अगर उपराष्ट्रपति कोई बिहार से बने यह हर बिहारी के लिए गर्व वाली बात होगी.


