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भागलपुर: कालाधन व धनकुबेरों के हाथ मॆ बंधती जा रही भारतीय अर्थव्यवस्था व इस बड़े नोट का पाकिस्तान के द्वारा गलत तरीके छपाई कर आतंकवाद कॊ बढ़ावा देने के खिलाफ में प्रधनमन्त्री जी द्वारा 1000व 500 का नोट बंदी का मैं समर्थन करता हूँ । आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की इस निर्णय सॆ देश के सिर्फ़ गरीबों कॊ ही नही बल्कि 95% लोगों के लिये हितकारी व देश की अर्थव्यवस्था कॊ पटरी पर लाने के कड़ी मॆ मील का पत्थर साबित होगा । आज़ नोट बंदी के कारण बैंकों के सामने लाइनें तो जरूर है लेकिन भरतीय सैनिकों कॊ पत्थर मारने वाली भीड़ ज़रूर बिखर गयी । हवाला कारोबारियों सॆ लेकर काले खजाने वाले दुःखी ज़रूर हैं लेकिन आम जनता मॆ समानता व आर्थिक तंगी सॆ उबरने की सुगबुगाहट दिख रही है । शुरू के दिनों मॆ लोगों कॊ थोड़ी कठिनाई हुई लेकिन अब धीरे धीरे स्थिति समान होते दिखाई दे रही है । इस निर्णय का असर आने वाले समय मॆ देश की आम जनता कॊ सफलता पूर्वक दिखने लगेगी ,आज़ के दिन मॆ ही देखें तो कई कालेधन के स्वामी अपने आसपास पड़ोस के गरीबों के खाते मॆ भी डालना शुरू कर दिये हैं । कभी कभी बड़े कार्यों कॊ अंजाम देने के लिये कठोर निर्णय लेने होते हैं जो सरकार ने ली है लेकिन आम जनता का अपार समर्थन मिलना सरकार ही नही देश के विकास का पथ प्रदर्शक भी है । मा प्रधानमन्त्री जी सॆ आगे भी उम्मीदें है की इसी प्रकार सॆ देश हित मॆ काम करते रहे हम सब सहृदय साथ हैं ;और साथ ही साथ भारत कॊ विश्व पटल पर स्थापित कर दुनियाँ कॊ भारत का गौरवगान करवाते रहें यही हम भारत वासी की अपेक्षा भी है , मेरी सुमंगल कामना उनके साथ , देश हित मॆ बैंक मॆ लाइन लगना तो कूछ नहीँ ज़रूरत पड़ी तो अपने शीश सॆ देश की सुरक्षा अखंडता के लिये सदैव तत्पर हूँ।
रोशन सिंह , छात्र नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता भागलपुर ।
