
नवगछिया : रंगरा के सहौरा गांव के बाढ़ पीड़ितों ने राहत सामग्री और मुआवजे की राशि नहीं मिलने के विरोध में मंदरौनी गांव के पास एनएच 31 को दो घंटे तक जाम कर दिया. बड़ी संख्या में आक्रोशित महिलाए सड़क पर लाठी लेकर पहुंची थी. जो भी पदाधिकारी महिलाओं को समझाने आ रहे थे उन्हें महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा था. मौके पर पहुंचे बीडीओ राकेश कुमार ठाकुर व अन्य पदाधिकारियों ने समझा बुझा कर मुआवजे की राशि और राहत सामग्री का आश्वासन देने के बाद पीड़ितों ने जाम समाप्त किया. पीड़ितों का आरोप था कि वे लोग एक माह से बढ़ की विभीषिका को झेल रहे हैं. लेकिन उन लोगों को अबतक चुरा गुड के अलावा कुछ नहीं दिया गया है. मुआवजे की राशि प्राप्त करने के लिए प्रतिनिधिनियों द्वारा जटिल प्रक्रिया बताया जा रहा. दूसरी तरफ उन लोगों को अब तक राहत का एक दाना नहीं दिया गया है. पीड़ितों ने कहा कि वे लोग सड़क पर रह रहे हैं और गांव में पानी है. प्रशासन द्वारा पानी को निकलने की भी कोई व्यवस्था नहीं किया जा रहा है. पीड़ितों ने कहा कि सारा चापानल डूब गया है उन लोगों को बून्द बून्द पानी के लिए दूर दूर तक भटकना पर रहा है. पीड़ितों का कहना है कि 6 हजार रूपये मुआवजा के लिए उन लोगों से चार पाहचान पत्र माँगा जा रहा है. चार पहचान पत्र में वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, राशन कार्ड माँगा जा रहा है जबकि उन लोगों के पास सभी प्रमाण पत्र नहीं हैं. बीडीओ ने मौके पर कहा कि उन।लोगों को एक बैंक खाता और वोटर आईडी कार्ड ही देना है. बीडीओ ने पीड़ितों की समस्या का समुचित निदान करने का आश्वासन दिया. मौके पर ही ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर उन लोगों की समस्या का निदान नहीं किया गया तो वे लोग फिर सड़क जाम कर देंगे.
जाम में फंसने से लोग हुए परेशान

मंदरौनी चौक पर जाम हो जाने से देखते ही देखते सड़क पर दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गयी. खास कर यात्री वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा कुर्सेला के सुमन कुमार, समेली के रवि कुमार, कटिहार के माधव राम को भागलपुर जाना था. ये लोग बस पर जाम टूटने का इंतजार कर रहे थे. नवगछिया के सुधीर मंडल, नारायणपुर के अमित कुमार को कटिहार जाना था. वे पैदल ही बढ़ गए थे. दोनों ने कहा कि वे लोग अब पैदल रंगरा चौक चले जायेंगे फिर वहां से कटिहार के लिए दूसरी गाड़ी पकड़ेंगे.

