नारायणपुर – एन एच 31 किनारे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मेला के अवसर पर मंदिर परिसर में चल रहे श्री मद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथावाचक स्वामी रामसुमिरन दासजी महाराज ने बताया कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं.उदाहरण स्वरूप पांडव धर्म का रास्ता चल रहा था कौरव अधर्म का जो धर्म का मार्ग चलते हैं उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में परमात्मा साथ रहते हैं.और उनकी विजय होती है.
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पांडव संघर्ष करते रहा लेकिन धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा,कौरव गलत पर गलत करते हुए अधर्म के रास्ते चलना लगा.कभी रक्षा गृह में आग लगाकर,भोजन में जहर मिलाकर यहां तक की युद्ध समाप्त होने के बाद भी अश्वस्थामा ने सोए हुए द्रोपदी के पांचों पुत्र की हत्या कर दी.


परिणाम आज भी जीवंत है जीत धर्म की हार अधर्म की होती है.कौरवों की संख्या ज्यादा होने के वावजूद जीत पांडवों की हुई.मौके पर मेला समिति के संरक्षक मुखिया नरेंद्र कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि मंटु यादव,अध्यक्ष सेवानिवृत्त बीइइओ रणविजय यादव,सेवानिवृत्त दरोगा अवधेश यादव,दु:खमोचन यादव,ग्रीस यादव,पंकज बाबा, अतुल बाबा, बिलाश महंथ,गब्बर, जनार्दन,सहित अन्य ग्रामीण एवं युवाओं का सराहनीय योगदान रहा.

