भागलपुर: विक्रमशिला सेतु की व्यापक मरम्मत और क्षतिग्रस्त सस्पेंडेड स्लैब के पुनर्निर्माण के लिए बिहार सरकार की कैबिनेट ने 126 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मंगलवार से आईआईटी की विशेषज्ञ टीम ने सेतु का तकनीकी निरीक्षण भी शुरू कर दिया है।
पथ निर्माण विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए 30 नवंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की है। अधिकारियों के अनुसार, श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद सस्पेंडेड स्लैब के निर्माण और पूरे सेतु की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले भी आईआईटी की टीम सेतु का विस्तृत निरीक्षण कर अपनी तकनीकी रिपोर्ट दे चुकी है।
भागलपुर दौरे के दौरान पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने बताया था कि क्षतिग्रस्त सस्पेंडेड स्लैब के ऊपर नया स्लैब बनाया जाएगा और नीचे ट्रस स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे उस हिस्से की मजबूती बढ़ेगी और वाहनों का आवागमन अधिक सुरक्षित हो सकेगा।

कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार केवल क्षतिग्रस्त स्लैब ही नहीं, बल्कि पूरे विक्रमशिला सेतु की मरम्मत की जाएगी। योजना के तहत पिलर संख्या 2 और 3 के बीच क्षतिग्रस्त स्पैन के अलावा वैपर पोल संख्या 5 से पिलर संख्या 1, पिलर संख्या 1 से 2 तथा पिलर संख्या 3 से 4 के बीच स्थित स्पैन को भी मजबूत किया जाएगा।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद विक्रमशिला सेतु की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी और आने वाले वर्षों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

