भागलपुर : भीखनपुर स्थित संप्रति अपार्टमेंट में करंट लगाकर मार दी गई बांका के ककबरा की नेहा के भाई पीयूष ने बताया कि शनिवार रात दीदी ने 9.30 बजे घर बात की थी। वह कुछ परेशान लग रही थी। रात करीब 11.00 बजे उसकी परेशानी जानने के लिए फोन लगाया तो उसका मोबाइल स्विच्ड ऑफ मिला। सुबह भी कई बार कॉल किया पर नॉट रिचेबल और स्विच्ड ऑफ ही मिला। उसने बताया कि उसकी दीदी कभी भी मोबाइल बंद नहीं रखती थी।
26 मई 2015 को हुई थी शादी
नेहा की फुआ शेखा ने बताया कि वह अक्सर उससे बात करती थी। यह बात उसके जेठ, पति और जेठानी को अच्छी नहीं लगती थी। नेहा और दिनेश की शादी 26 मई 2015 को हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही दिनेश अपने भाई और भाभी के साथ भीखनपुर स्थित फ्लैट में आ गया था। यहां वे लोग 12 हजार रुपये किराया देकर रहते थे।

नेहा पर बनाती थी दबाव
पीयूष ने बताया कि मेरी बहन की जेठानी जूली अपनी बहन के साथ दिनेश की शादी कराना चाहती है। इस कारण उसकी बहन का काफी प्रताड़ित किया जाता है ताकि वह दिनेश से तलाक ले ले। उसने बताया कि उसकी बहन को एक ही छत के नीचे खुद के लिए अलग खाना बनाना पड़ता था। जेठानी की प्रताड़ना के कारण रोज उसे भूखे-प्यासे कॉलेज जाना पड़ता था।
होनहार नेहा अपने पैरों पर होना चाहती थी खड़े
नेहा की फुआ शेखा ने बताया कि उनकी भतीजी पढ़ने में बहुत तेज थी। लिहाजा शादी के बाद भी उसने पढ़ाई जारी रखी। ग्रेजुएशन करते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी ताकि बैंक या रेलवे में जॉब हो जाए। उसे शुरू से ही अपने पैरों पर खड़ा होने की ललक थी। मगर उसकी जेठानी नेहा की लगन और मेहनत से काफी जलती थी। इस कारण अक्सर उसे किसी न किसी बात पर उलाहना देती रहती थी। हर वक्त उसे हीन भावना से देखते हुए उसकी सूरत को कोसती थी।


