दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमिशिला पुल को पार करने में लोगों को पसीने छूट जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से पांच से लेकर 15 घंटे तक विक्रमशिला पुल जाम रहता है।
सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर दो बजे और फिर रात 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक सबसे अधिक जाम रहता है। रात में शहर से होकर गुजरने वाले ट्रकों का रेला व ओवरटेकिंग से जाम लगता है तो दिन में पढ़ाई, इलाज, खरीदारी, नौकरी या फिर अन्य काम के लिए शहर आने वाले लोगों की भीड़ के कारण। मायागंज अस्पताल में काम करने वाले नीलेश बताते हैं कि वे हर रोज नवगछिया से भागलपुर बाइक से आते हैं। बीते पांच दिन से उनका चार घंटा आने-जाने में ही खत्म हो जाता है। अगर बस से कोई आ-जा रहा है तो उसे नवगछिया से भागलपुर बस अड्डा तक आने-जाने में ही छह से सात घंटे लग जा रहे हैं।

सीसीटीवी, वॉयरलेस व ओवरलोडिंग पर लगाम से खत्म होगा जाम का झाम
विक्रमशिला पुल पर जाम लगने का एक बड़ा कारण कतार में लगे वाहनों को नजरअंदाज करते हुए पीछे खड़ी गाड़ियों का ओवरटेकिंग करना है। वर्तमान में विक्रमशिला पुल दो लेन का है। पांच स्थान पर बैरिकेडिंग होने के बाद करीब आधा पुल सिंगल लेन में बदल चुका है। यहां से एक बार में सिर्फ एक ही वाहन आ-जा सकते हैं। ऐसे में अगर एक ही साइड से कतार को नजरअंदाज करते हुए ओवरटेकिंग करता है तो वह बैरिकेडिंग वाले स्थान पर जाकर विपरीत दिशा से आ रहे वाहन की राह ही रोकेगा।

इस पर पुलिस अगर कड़ाई से पालन करा लें तो जाम किसी भी सूरत में नहीं लगेगा। हां, गाड़ियां कुछ देर तक रुकने के बाद आराम से आ जा सकेगी। इसके अलावा पुल पर कम से 10 स्थानों पर सीसीटीवी लगना चाहिए। पुल पर मुस्तैद जवान के हाथ में वॉयरलेस होना चाहिए। ऐसे में जाम की स्थिति में पुलिस सीसीटीवी को जाम का असल कारण देखते हुए वायरलेस के जरिये भागलपुर-नवगछिया पुलिस आपस में कम्युनिकेट कर सकेगी। इससे ये जवान आसानी से जाम से निपट सकेंगे।


