1 अक्टूबर से तीन महीने बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु, गंगा में चलेंगे मुफ्त जहाज; स्थायी स्टील ब्रिज का काम होगा शुरू
भागलपुर। भागलपुर को नवगछिया, कोसी और सीमांचल क्षेत्र से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से आवागमन पूरी तरह बंद होने जा रहा है। सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन के लिए बेली ब्रिज हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों में स्थायी निर्माण का काम किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने पुल बंद होने के दौरान गंगा नदी के रास्ते वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था शुरू कर दी है।
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पथ निर्माण विभाग मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में सेतु को बंद कर स्थायी निर्माण कार्य शुरू करने की जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कह चुके हैं कि गंगा के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण पुराने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा और अब नए साल से सेतु पर सभी वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
तीन महीने तक बंद रहेगा पुल
विक्रमशिला सेतु पर फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत बेली ब्रिज के माध्यम से यातायात संचालित किया जा रहा है। अब स्थायी पुनर्स्थापन के लिए बेली ब्रिज को हटाया जाएगा और सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाएगा।

प्रशासन के स्तर पर 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज के डी-लॉन्चिंग की तैयारी की जा रही है। इसके बाद सेतु से वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
गंगा में चलेंगे यात्री जहाज, मुफ्त होगी सेवा
सेतु बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए गंगा नदी के रास्ते वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने यात्री और मालवाहक जलयान संचालकों से आवेदन भी मांगे हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार आम यात्रियों को गंगा पार कराने के लिए जहाजों की व्यवस्था की जाएगी और आम लोगों से किराया नहीं लिया जाएगा। जहाज संचालकों को उनके संचालन का भुगतान प्रशासन की ओर से किए जाने की व्यवस्था पर काम चल रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए जहाजों में लाइफ जैकेट और जीवनरक्षक उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। क्षमता से अधिक यात्रियों या वाहनों को बैठाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्थायी निर्माण के बाद बदलेगा सेतु का स्वरूप
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत के तहत बेली ब्रिज की जगह स्थायी स्टील स्ट्रक्चर और नए स्लैब लगाए जाने की योजना है। इसके बाद पुल को पहले की तुलना में अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार की योजना के मुताबिक निर्माण पूरा होने के बाद सेतु पर यातायात को स्थायी रूप से बहाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सितंबर में कहा था कि अब नए साल से सभी वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
3 मई को क्षतिग्रस्त हुआ था सेतु
विक्रमशिला सेतु पर संकट की शुरुआत 3 मई 2026 को हुई थी। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का स्लैब गंगा नदी में गिरने के बाद पुल पर यातायात प्रभावित हुआ था। इसके बाद यातायात बहाल रखने के लिए बेली ब्रिज जैसी अस्थायी व्यवस्था की गई।
अब सरकार स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, 1 अक्टूबर से पुल बंद होने के कारण भागलपुर, नवगछिया, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों एवं कारोबारियों को वैकल्पिक मार्ग और नदी परिवहन पर निर्भर रहना पड़ेगा।
