नवगछिया-कुर्सेला के बीच कोसी रेल पुल के स्पैन में दरार, RDSO की टीम ने किया निरीक्षण
नवगछिया (भागलपुर)। बरौनी-कटिहार रेलखंड पर नवगछिया और कुर्सेला रेलवे स्टेशनों के बीच कोसी नदी पर बने रेल पुल के स्पैन में दरारें मिलने के बाद रेलवे ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मध्य रेल के हाजीपुर जोन और अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO), लखनऊ की विशेषज्ञ टीम ने बुधवार को पुल का निरीक्षण किया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के जोनल कार्यालय हाजीपुर से उप मुख्य अभियंता राकेश कुमार के नेतृत्व में तकनीकी अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही RDSO लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने भी पुल के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया।
RDSO की टीम में निदेशक, कार्यकारी निदेशक और सीनियर सेक्शन इंजीनियर शामिल थे। निरीक्षण के दौरान हाजीपुर जोनल मुख्यालय के सीनियर सेक्शन इंजीनियर देवशंकर सिंह, बिहपुर के एईएन केके मिश्रा, आईओडब्ल्यू सहित स्थानीय रेल अभियंता मौजूद रहे।

करीब 15 स्पैन में दरार की जानकारी
प्राथमिक निरीक्षण में कोसी नदी पर बने करीब 61 मीटर लंबे रेल पुल के लगभग सभी 15 लोहे के स्पैन में दरारें पाए जाने की जानकारी सामने आई है। स्पैन पुल का वह हिस्सा होता है जो दो पायों के बीच संरचना का भार वहन करता है।
रेलवे ने एहतियात के तौर पर पुल से गुजरने वाली ट्रेनों की गति नियंत्रित कर दी है। पुल पर कॉशन ऑर्डर लागू किया गया है, जिसके तहत यात्री और मालगाड़ियों को निर्धारित गति सीमा के भीतर नियंत्रित गति से पुल पार कराया जा रहा है।
फिलहाल इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन जारी है। रेलवे की तकनीकी टीम पुल की स्थिति का विस्तृत आकलन कर रही है।
RDSO की विशेषज्ञ टीम ने किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान तकनीकी अधिकारियों ने पुल के विभिन्न हिस्सों और लोहे के गर्डरों की स्थिति की जांच की। टीम दरारों की प्रकृति, संरचना की मजबूती और संभावित तकनीकी कारणों का आकलन कर रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के बाद विशेषज्ञ टीम की तकनीकी सलाह के आधार पर आवश्यक मरम्मत और सुधार का काम कराया जाएगा। दरारों को जल्द ठीक करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
चार साल के भीतर दरार मिलने से उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, इस रेल पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2021-22 में पूरा हुआ था और इसके बाद इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया। ऐसे में कुछ ही वर्षों के भीतर स्पैन में दरारें मिलने से पुल की संरचना और निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, दरारों के वास्तविक कारण और उनकी गंभीरता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की गति नियंत्रित कर दी है और विशेषज्ञ टीम से पुल का निरीक्षण कराया जा रहा है।
