1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु का स्थायी जीर्णोद्धार, हटेगा बेली ब्रिज; नए स्टील ब्रिज और स्लैब से मजबूत होगा पुल
भागलपुर। उत्तर और दक्षिण बिहार को सड़क मार्ग से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी जीर्णोद्धार की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। आगामी 1 अक्टूबर से सेतु के रेस्टोरेशन का काम शुरू किए जाने की तैयारी है। पुनर्स्थापन कार्य के दौरान वर्तमान में वाहनों के आवागमन के लिए लगाए गए अस्थायी बेली ब्रिज को हटाया जाएगा और उसकी जगह स्थायी तकनीकी संरचना तैयार की जाएगी।
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विक्रमशिला सेतु भागलपुर के साथ-साथ नवगछिया और उत्तर बिहार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल के माध्यम से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन भागलपुर से नवगछिया होते हुए कटिहार, पूर्णिया, अररिया और अन्य जिलों की ओर आवागमन करते हैं। ऐसे में रेस्टोरेशन कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना भी बड़ी चुनौती होगी।
एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को मिली जिम्मेदारी
सेतु के पुनर्स्थापन की जिम्मेदारी गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए फोरलेन पुल की निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को दी गई है। रेस्टोरेशन कार्य को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी किए जाने की बात कही जा रही है।

निर्माण एजेंसी के बरारी स्थित कास्टिंग यार्ड में भी काम से संबंधित निर्माण सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है। इसमें भारी-भरकम गर्डर और अन्य जरूरी सामग्री शामिल हैं। अधिकारियों और तकनीकी टीम की निगरानी में इन सामग्रियों को तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों में लगाया जाएगा।
बेली ब्रिज की जगह बनेगा मजबूत स्टील ब्रिज
रेस्टोरेशन योजना के तहत विक्रमशिला सेतु के जिन स्पैन पर आपात स्थिति में अस्थायी बेली ब्रिज लगाया गया था, वहां अब स्थायी तकनीकी समाधान के तहत मजबूत स्टील ब्रिज तैयार किया जाएगा।
स्टील संरचना तैयार होने के बाद इसके ऊपर विशेष तकनीकी प्रक्रिया से नए और उच्च गुणवत्ता वाले स्लैब लगाए जाएंगे। इससे क्षतिग्रस्त हिस्से की संरचनात्मक मजबूती बढ़ाने का लक्ष्य है।
योजना के तहत कमजोर हिस्सों में कुल चार मुख्य स्ट्रक्चर को आधुनिक मशीनरी और हाइड्रोलिक क्रेन की सहायता से लांच कर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित हिस्सों में स्लैब फिक्स करने का कार्य किया जाएगा।
पंचकूला से भागलपुर पहुंची विशेष स्लैब की खेप
रेस्टोरेशन कार्य के लिए तैयार किए गए विशेष प्रीकास्ट स्लैब हरियाणा के पंचकूला स्थित प्लांट से भागलपुर पहुंच चुके हैं। इन स्लैब का इस्तेमाल क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्स्थापन में किया जाएगा।
निर्माण एजेंसी से जुड़े अधिकारियों और विभागीय अभियंताओं के अनुसार, मुख्य रेस्टोरेशन कार्य शुरू करने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं, ताकि निर्धारित समय के अनुसार काम को आगे बढ़ाया जा सके।
गंगा की धारा में अतिरिक्त तकनीकी सपोर्ट
सेतु के कमजोर हिस्सों को मुख्य रेस्टोरेशन कार्य से पहले अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए गंगा की जलधारा में लोहे के मोटे गोलाकार बीम को जोड़कर तकनीकी सपोर्ट देने का काम भी किया जा चुका है। इस आधारभूत सुदृढ़ीकरण का उद्देश्य कमजोर हिस्सों को काम शुरू होने तक अतिरिक्त सहारा देना है।
अब ऊपरी संरचना के क्षतिग्रस्त हिस्सों को बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए भारी मशीनरी, क्रेन और तकनीकी टीम की सहायता ली जाएगी।
नवगछिया सहित उत्तर बिहार की नजर
विक्रमशिला सेतु के रेस्टोरेशन को लेकर नवगछिया और उत्तर बिहार के लोगों की नजर भी इस काम पर रहेगी। पुल के माध्यम से भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क बना हुआ है। पुल पर किसी भी तरह की यातायात बाधा का असर नवगछिया के साथ-साथ कटिहार, पूर्णिया और सीमांचल की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों पर पड़ सकता है।
ऐसे में रेस्टोरेशन के दौरान यातायात प्रबंधन, वाहनों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त किए जाने के बाद पुल की संरचनात्मक मजबूती बढ़ने और आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
