परबत्ता सड़क हादसे में चौथी मौत, 10 अगस्त की टक्कर में घायल ताजीम ने भी तोड़ा दम; चारों युवकों की गई जान
नवगछिया। परबत्ता थाना क्षेत्र के विशु बाबा स्थान चौक के समीप 10 अगस्त को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल मो ताजीम की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। ताजीम का पिछले कई दिनों से भागलपुर के मायागंज स्थित जेएलएनएमसीएच के आईसीयू में इलाज चल रहा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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ताजीम की मौत के साथ ही इस सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की संख्या चार हो गई है। हादसे के दिन ही मोहन साह और मो बबलू की घटनास्थल पर मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल अनमोल कुमार ने 21 अगस्त को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब ताजीम की मौत के बाद हादसे में दो बाइक पर सवार चारों युवकों की जान जा चुकी है।
दो बाइक की आमने-सामने हुई थी टक्कर
जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को जमुनिया गांव के चार युवक दो बाइक पर सवार होकर तेरी जीरोमाइल से जमुनिया लौट रहे थे। एक बाइक पर जमुनिया निवासी सियाराम साह के पुत्र मोहन साह और कृष्णा यादव उर्फ किसो यादव के पुत्र अनमोल कुमार सवार थे।

वहीं दूसरी बाइक पर मो कुदो के पुत्र मो बबलू और मो सदीक के पुत्र मो ताजीम सवार थे। दोनों बाइक जब परबत्ता थाना क्षेत्र के विशु बाबा स्थान चौक के समीप पहुंचीं, तभी दोनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि मोहन साह और मो बबलू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अनमोल कुमार और मो ताजीम गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी।
गंभीर हालत में दोनों को किया गया था रेफर
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना पुलिस और 112 की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस की मदद से दोनों गंभीर घायलों को इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था।
इसके बाद अनमोल कुमार और मो ताजीम का अलग-अलग स्तर पर इलाज चल रहा था। 21 अगस्त को अनमोल कुमार की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं ताजीम की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। उसे मायागंज स्थित जेएलएनएमसीएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
परिवार को उम्मीद थी कि लंबे इलाज के बाद ताजीम की हालत में सुधार होगा, लेकिन शनिवार को उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
करीब तीन लाख रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं बची जान
ताजीम के भाई ने बताया कि उसे बचाने के लिए परिवार ने अपनी पूरी क्षमता से इलाज कराया। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज चलता रहा, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद ताजीम की जान नहीं बचाई जा सकी।
उन्होंने बताया कि भाई के इलाज में परिवार की जमा पूंजी तक खर्च हो गई। करीब तीन लाख रुपये इलाज में खर्च करने के बावजूद ताजीम को नहीं बचाया जा सका। भाई की मौत के साथ परिवार के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
ताजीम के भाई ने कहा कि परिवार ने एक सदस्य को खो दिया और उसके इलाज में जमा पूंजी भी खत्म हो गई। ऐसे में परिवार के लिए आगे का जीवन चलाना भी मुश्किल हो गया है।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
ताजीम के भाई ने प्रशासन से सड़क हादसे में पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। पहले अपनों को खोने का दर्द और फिर लंबे इलाज में बड़ी रकम खर्च होने से परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है।
ताजीम की मौत के साथ ही 10 अगस्त को विशु बाबा स्थान चौक के समीप हुए इस सड़क हादसे की पूरी तस्वीर बेहद दर्दनाक हो गई है। हादसे में दो बाइक पर सवार चारों युवकों की मौत हो चुकी है। एक ही दुर्घटना में चार युवकों की मौत से जमुनिया और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है।
