भागलपुर जिले में भी बर्ड फ्लू फैलने की आशंका है। गुरुवार को रानी तालाब इलाके के गंगा विहार कालोनी में दो कौवे की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के अधिकारी क्विक रिस्पांस टीम के साथ पहुंचे। पैनडेमिक फ्लू प्रोटेक्शन किट पहने कर्मचारी ने मृत कौवे को सैम्पल के रूप में एकत्रित किया और विशेष दूत के साथ जांच के लिए कोलकाता स्थित लैब में भेजा गया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजेन्द्र कुमार ने बताया कि त्वरित जांच के लिए ही सैम्पल सीधे कोलाकता स्थित लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई है या किसी अन्य कारणों से। हालांकि उन्होंने बताया कि दो कौवे की एक ही जगह पर मौत हुई है इसलिए यह गंभीर मसला है। इसलिए पूरी एहतियात के साथ न केवल सैम्पलिंग की गई बल्कि बिना विलंब किए इसकी जांच करायी जा रही है।

उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले एहतियात में लोगों को पक्षियों के संपर्क में आने से बचना होगा। साथ ही अगर कहीं पक्षी मल त्याग करता है तो उसे भी छूने से बचना चाहिए। डॉ. राजेन्द्र ने बताया कि अभी किसी पॉल्ट्री फॉर्म में मुर्गे या चूजे के मरने की सूचना नहीं मिली है।
बावजूद इसके शुक्रवार से पूरे जिले में बर्ड फ्लू से बचाव के लिए पक्षी पालने और पॉल्ट्री फॉर्म चलाने वालों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पशुपालन विभाग के अधिकारी हर जगह जाएंगे और बचाव के उपाय बताएंगे। उन्होंने आमलोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं पक्षी मरे तो इसकी सूचना पशुपालन विभाग के अधिकारी को जरूर दें।
भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बर्ड फ्लू की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। खासकर मुंगेर के सीमा क्षेत्र में जो पॉल्ट्री फॉर्म या पक्षियों के पालने की जगह है उस पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।


