भागलपुर: मुंबई से जयपुर जाने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट संख्या 9डब्ल्यू 697 के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही उस पर सवार यात्रियों का दम फूलने लगा। गर्मी लगने लगी, बेचैनी बढ़ गई। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। क्रू मेंबर्स भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। जेट एयरवेज की इस फ्लाइट में सवार चंपानगर के शिवम ने बताया कि इसी बीच कुछ यात्रियों के कान और मुंह से खून निकलने लगा।
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यह देख अन्य पैसेंजर डर गए। तुरंत इमरजेंसी ऑक्सीजन निकाल लिया। मगर उसमें सही तरीके से ऑक्सीजन नहीं आ रहा था। पैसेंजर को ऑक्सीजन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। करीब एक घंटा 15 मिनट तक सभी यात्रियों की सांसें हवा में अटकी रहीं। करीब 7.00 बजे फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कराई गई। प्लेन से नीचे उतरने के बाद सबों ने राहत की सांस ली।


भागलपुर के चंपानगर का निवासी शिवम मिश्र मुंबई के सूफी गायक मामे खान का ऑपरेशन मैनेजर है और वह कार्यक्रम ऑर्गेनाइज करने के सिलसिले में मुंबई से जयपुर जा रहा था। शिवम ने दूरभाष पर बताया कि इस दौरान करीब तीन दर्जन पैंसेंजर्स की तबीयत ज्यादा बिगड़ चुकी थी। फ्लाइट के लैंड करते ही उन्हें तत्काल मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया। इससे पूर्व, आगे की सीट पर बैठे कुछ पैंसेंजर बता रहे थे कि क्रू मेंबर को पायलट का आदेश था कि वे किसी तरह का इमरजेंसी अनांउसमेंट नहीं करेंगे। इसे लेकर पैसेंजर्स में काफी आक्रोश था। इमरजेंसी अलार्म के बाद भी नहीं लिया संज्ञान : फ्लाइट में स्थिति बिगड़ते ही लोगों ने इमरजेंसी अलार्म बजाना शुरू कर दिया। बावजूद इसके क्रू मेंबर्स ने संज्ञान नहीं लिया। फ्लाइट उड़ने के बाद किसी तरह का सेफ्टी मैसेज भी नहीं दिया गया।

