इस्माइलपुर प्रखंड को गंगा नदी की बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए इस्माइलपुर से जाह्नवी चौक तक बनने वाले 10.5 किमी रिंग बांध में फंसा पेच अब दूर हो गया है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए जिला भू अर्जन विभाग द्वारा किसानों की गजट का प्रकाशन कर दिया गया है। गजट प्रकाशित होने से इस्माइलपुर के लोगों में खुशी की लहर है। किसानों में इस बात की उम्मीद जग गयी है कि उन लोगों के जमीन का जल्द ही अधिग्रहण हो जाएगा और इस वर्ष बांध के निर्माण का कार्य भी पूर्ण हो जाएगा।
मालूम हो कि रिंग बांध के निर्माण में 100.475 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमे चार मौजा की जमीन का अधिग्रहण होना है। इनमें महादेवपुर मौजा की 3.47 एकड़, बाँसगढ़ा मौजा की 1.39, परबत्ता मौजा की चादर एक, चादर चार व चादर पांच के 48.95 एकड़ और इस्माइलपुर मौजा के चादर एक, चादर चार, की 46.665 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। भू अर्जन विभाग ने किसानों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। लीज नीति के तहत जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मालूम हो कि 33 करोड़ की लागत से रिंग बांध का निर्माण होना है। भूमि अधिग्रहण नहीं होने से निर्माण कार्य बाधित हो गया था।

किसानों में खुशी, बाढ़ से निजात की जगी उम्मीद
भू अर्जन विभाग द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दिए जाने से प्रखंड के किसानों में खुशी की लहर है। हर वर्ष गंगा नदी की बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले प्रखंड के लोगों को लग रहा है कि अब उनकी किस्मत बदल जाएगी। किसानों ने कहा कि अब हम लोगों को लग रहा है कि इस वर्ष रिंग बांध का निर्माण हो जाएगा और बाढ़ से निजात मिलेगी। रिंग बांध के निर्माण को लेकर आरंभ से संघर्षरत रहे इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर ही कार्य बाधित था। किसानों को गजट के माध्यम से नोटिस मिल गया है तो निर्माण की सारी बाधा लगभग दूर हो गई है। अब विभाग जल्द से जल्द किसानों की जानी अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर राशि का भुगतान कर दे और रिंग बांध का निर्माण कराए। बांध के निर्माण होने से इस्माइलपुर सहित नवगछिया, गोपालपुर के कई गांव को बाढ़ से बचाया जा सकेगा।


