बिहारीगंज से करसेला नई रेल लाइन परियोजना का मामला लोकसभा में पूर्णिया के सांसद द्वारा उठाए जाने पर रेलमंत्री ने उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्र जारी किया है। जिसमें रेल मंत्री द्वारा अद्यतन जानकारी के साथ सांसद संतोष कुशवाहा को अवगत कराया है। इससे लोगों में आशा की एक नई किरण जगी है। ज्ञात हो कि 58 किलोमीटर कुरसेला-बिहारीगंज रेलपथ परियोजना को बजट 2008-09 में 193 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ शामिल किया गया था। इसके अलावा इस नई रेल लाइन परियोजना की आधारशिला तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने 7 फरवरी 2009 को रखा था।
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31 मार्च 2021 तक अंतिम सर्वेक्षण एफएलएस कंपनी के द्वारा किया गया था। जिसमें कटिहार के 11 गांव के लिए 150 एकड़ जमीन के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव कुर्सेला छोड़ से अंतिम जिला तक लिया गया। उक्त आलोक में रेल मंत्री ने सांसद को भेजे पत्र में लिखा है कि लास्ट माइन कनेक्टिविटी आधारित सभी परियोजना की समीक्षा, लापता लिंक परियोजना पर यातायात क्षमता वृद्धि, भूमि की उपलब्धता, वन्यजीवन निकासी आदि और समीक्षा के आधार पर रेलवे परियोजना को वर्तमान में प्राथमिकता दी गई है।
इस प्रकार की परियोजना पर सरकार प्राथमिकता के साथ काम करेगी। रेलवे का फोकस क्षमता वृद्धि परियोजना और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी परियोजना को पूरा करने का है। उक्त पत्र के जारी होने पर क्षेत्र के लोगों में आशा जगी है कि देर ही सही उक्त रेल परियोजना पर आगे काम हो, ताकि इस पिछड़े क्षेत्र का विकास हो सके। जानकारी मिलने पर एनडीए कार्यकर्ता,सामाजिक कार्यकर्ता, किसान मजदूर एवं आमजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सांसद संतोष कुशवाहा एवं रेल मंत्री की प्रशंसा की है।

