हवा का रुख बदलते ही पिछले चार दिनों से ठंड में अचानक तेजी आ गयी। आलम ऐसा है कि दिन में लोगों को सूर्य भगवान का दर्शन तक नहीं हो रहा है। दिन भर कुहासा व बादलों के बीच लोगों की दिनचर्या चल रही है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन भी कुहासे व कनकनी के बीच ही तिरंगा लहराने की संभावना है।
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बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम हवा बहने से इतनी ठंड नहीं थी। हवा का रुख बदलते ही अधिकतम तापमान में काफी गिरावट आ गयी है। पिछले छह दिनों में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट हो चुकी है। इस कारण दिन में भी लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है। कनकनी बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को भी गणतंत्र दिवस के मौके पर कुहासे के बीच ही तिरंगा लहराने की संभावना है। इस दिन पारा और गिर सकता है और हवा चलने की उम्मीद है। सोमवार को अधिकतम तापमान 15 तो न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को पारा और लुढ़क सकता है।

उन्होंने बताया कि 29 जनवरी तक इसी तरह का मौसम रहेगा। सूरज बादलों व कुहासों से ढका रहेगा। पिछले साल इस दिन 22.8 व न्यूनतम 7.02 सेल्सियस तापमान था।
पिछले साल की तुलना में आज के दिन आठ डिग्री तापमान कम हुआ है। पिछले साल 25 जनवरी को अधिकतम 23 डिग्री तो इस साल सोमवार को 15 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इस प्रकार आठ डिग्री सेल्सियस तापमान लुढ़कने से कनकनी बनी हुई है। उधर सैंडिस कंपाउंड में सुबह टहलने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है। जो योग सुबह साढ़े पांच बजे होता था उसे अब बढ़ाकर साढ़े सात बजे कर दिया गया है। दूसरी ओर सोमवार को लोगों को सूर्य का दर्शन नहीं हुआ। लोगों को बाहर निकलने में दस्ताना, टोपी, स्वेटर व अन्य गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।

