नेपाल के तराई क्षेत्राें अाैर उत्तर बिहार में जारी बारिश से कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक अाैर काेसी नदियां उफान पर हैं। कमला के जलस्तर में भारी वृद्धि से मधुबनी के जयनगर में स्थिति भयावह हाे गई है। यहां कमला का तटबंध टूट गया। इसके कारण जयनगर शहर में बाढ़ का पानी भर गया है। उधर, कोसी नदी का जलस्तर इस साल के सर्वाधिक स्तर पर है। नेपाल में भारी बारिश के कारण कोसी का डिस्चार्ज शनिवार को 3.71 लाख क्यूसेक को पार कर गया है।

नेपाल व उत्तर बिहार में बारिश से कई जिलों में बाढ़, कोसी बराज से 3.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

वीरपुर में कोसी बराज के 56 में से 56 फाटक खोल दिए गए। 2015 में भी सभी फाटक खोल दिए गए थे। तटबंध के भीतर के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। निर्मली अनुमंडल में पांच हजार परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। करीब 40 हजार लोग प्रभावित हैं। नेपाल के गृह राज्यमंत्री हितमत कार्की और वन मंत्री जगदीश कुसियैत ने कोसी बराज का जायजा लिया। उधर अररिया में परमान, बकरा, नूना, भलुआ आदि नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।

बाढ़ के कारण जिला मुख्यालय से सिकटी और कुर्साकांटा का संपर्क टूट गया है। कटिहार में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्वि हो रही है। मनिहारी के गांधी टोला से लेकर बाघमारा तक कटाव का खतरा बढ़ गया है। कटाव के कारण अबतक सैकडों एकड़ जमीन गंगा में विलीन हो चुकी है। पूर्णिया में परमान, कनकई, महानंदा में बाढ़ की स्थिति है। अमौर और बायसी प्रखंड के 20 हजार लोग इससे प्रभावित होते हैं।

ट्रेनें बाधित : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-रक्साैल, मुजफ्फरपुर-सुगाैली रेलखंड पर पटरी धंसने से ट्रेनाें का आवागमन बाधित है।
कमला बराज के ऊपर से 3 फीट पानी बह रहा है। यह पुल 1957 में बना था। 1987 के बाद इस पर पहली बार पानी चढ़ा है। पानी के दबाव से यह कभी भी ढह सकता है। भारत-नेपाल को जोड़ने वाले इस पुल से आवागमन बंद कर दिया गया है। यहां से रोज करीब 7 हजार वाहन गुजरते थे। इससे 15 प्रखंड के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

महानंदा के साथ-साथ गंगा एवं कोसी नदी का जलस्तर में बढ़ने की रफ्तार पिछले दिनों की तुलना में तेज हो गया है। मनिहारी के रामायणपुर एवं काढ़ागोला में गंगा का जलस्तर में तेजी से बढ़ रहा है।

कोसी नदी का जलस्तर में 18 से 24 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज किया गया है। गंगा केजलस्तर में वृद्धि होने से बरंडी नदी का जलस्तर समेली प्रखंड के डुमर गांव में एनएच 31 के पास स्थिर है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी ई. राजेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर मनिहारी के रामायणपुर में 12 घंटे में 23.48 मीटर से ढ़कर 23.54 मीटर पर बढ़ना जारी है। यहां पर नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 26.65मीटर से ढ़ाई मीटर नीचे है। बरारी प्रखंड के काढ़ागोला घाट के पास गंगा नदी का जलस्तर 25.94 मीटर से बढ़कर 26.18 मीटर पर बढ़ना जारी है।

यहां पर नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 28.96 मीटर से करीब दो मीटर नीचे है। कोसी नदी का जलस्तर कुर्सेला रेलवे ब्रिज के पास 26.02 मीटर से बढ़कर 26.20 मीटर पर चेतावनीस्तर 29.65 मीटर से करीब तीन मीटर नीचे है। चेतावनी स्तर से गंगा और कोसी नदी का जलस्तर नीचे रहने से नदी अपने किनारे भाग का धीरे-धीरे काट रही है। हालांकि कटाव का हिस्सा नदी के तटबंध से काफी दूर है। बरारी के काढ़ागोला में नदी का पानी स्परों से सट कर बह रही है।

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By न्यूज़ डेस्क

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