इकलौती संतान में यदि बेटी हो तो उसका नामांकन तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में (टीएमबीयू) में कराना आसान होगा। जी हां, ऐसी छात्रा को कुल सीटों में तो आरक्षण मिलेगा ही साथ ही सीटें भर जाने पर भी अतिरिक्त सीट बनाकर उसपर नामांकन लिया जाएगा।
यह निर्णय पटना में गत 14 मार्च को कुलपतियों की बैठक में दिए गए सलाह के बाद टीएमबीयू ने लिया है। राजभवन सचिवालय में उच्च शिक्षा के सलाहकार प्रो. आरसी सोबती ने सलाह दिया था कि विश्वविद्यालय को चाहिए कि जिस परिवार में मात्र एक लड़की हो और वह अर्हता पूरी करती हो तो उसे विभिन्न कोर्सों में नामांकन में आरक्षण दिया जाना चाहिए।

एकेडमिक काउंसिल से प्रस्ताव पर लेनी होगी सहमति
टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति ने अधिकारियों से बातकर इसे लागू करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इसे शुरू करने के पहले एकेडमिक काउंसिल से इस प्रस्ताव पर सहमति लेनी होगी। उसके बाद इसे लागू किया जा सकेगा। प्रभारी कुलपति ने बताया कि जो नामांकन प्रवेश परीक्षाओं के द्वारा होता है, उसमें यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकेगी।
बीएड में नामांकन के लिए छात्रा को प्रवेश परीक्षा में पास करना होगा। उन्होंने कहा कि एमए, एमकॉम, एमएससी, वोकेशनल कोर्स जैसे एमसीए, एमटेक व स्नातक के किसी विषय में नामांकन में यह सुविधा मिलेगी। ये छात्राएं किसी भी जाति वर्ग की हो सकती हैं। बस मां-बाप की इकलौती संतान होनी चाहिए। प्रभारी कुलपति ने बताया कि ऐसा सुझाव लड़कियों के जन्म और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दिया गया। इस सुविधा को आगामी सत्र में होने वाले नामांकन से लागू किया जा सकता है।


