विक्रमशिला सेतु के समानांतर गंगा में बनने वाले नए फाेरलेन पुल के निर्माण की कवायद तेज हो गई। इसका काम नए साल में शुरू हाे सकता है। पुल के निर्माण के लिए करीब 51 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हाेना है। इसके लिए अधिघाेषणा की फाइल पर डीएम ने मुहर लगा दी है। अब अधिघाेषणा प्रकाशित होगी। इसमें 50 से अधिक रैयताें की जमीन जाएगी। सभी रैयताें काे नाेटिस भेजा जाएगा। इसके बाद दावा-अापत्ति का निपटारा व मुअावजे की राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही मुअावजे की राशि के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मनाेज कुमार ने पुल निर्माण निगम के प्राेजेक्ट इंजीनियर रामसुरेश दुबे काे प्रस्ताव भेज 59 करोड़ 12 लाख 33 हजार 718 रुपए की मांग की है। हालांकि पहले भी पुल निगम से राशि मांगी गई थी। लेकिन अब जबकि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हाे गई अाैर अधिघाेषणा का प्रकाशन हाेना है, एेसी स्थिति में राशि की जरूरत बढ़ गई है। इसी के साथ पुल पर लगने वाले जाम से भी राहत की उम्मीद जगी है। नए पुल के बनने से विक्रमशिला पुल पर गाड़ियों का दबाव कम होगा। इस पुुल की उम्र तो बढ़ेगी ही, झारखंड-बंगाल समेत राज्य के 11 शहरों तक पहुंचने में लोगों को आसानी होगी।
समानांतर पुल के लिए चार माैजा की करीब 51 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इनमें मखुजान मौजा की 10.98, महादेवपुर मौजा की 35.53, परबत्ता मौजा की 0.48 और नगर निगम मौजा की 4.41 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है। इन जमीनों के मुअावजे के लिए 59 करोड़ 12 लाख 33 हजार 718 रुपए की जरूरत है। पुल निगम से राशि मिलने के बाद इस दिशा में पहल होगी।

4.37 किमी लंबा अाैर 19 मीटर चाैड़ा हाेगा फाेरलेन पुल
जानकारी के मुताबिक समानांतर बनने वाले फाेरलेन पुल की लंबाई 4.37 किमी. व चौड़ाई 19 मीटर होगी। दोनों अाेर फुटपाथ भी बनेंगे। वर्तमान में विक्रमशिला सेतु की चौड़ाई 11 मीटर है। फाेरलेन पुल में गंगा नदी पर 120 मीटर का स्पेन बनेगा। इस पुल व पहुंच पथ के निर्माण पर करीब 1900 करोड़ रुपए खर्च हाेने का अनुमान है। पुल बनने से एनएच-80 अाैर एनएच-31 सीधे जुड़ जाएंगे।
सात माह पहले मिली डीपीअार की प्रशासनिक स्वीकृति
बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने चार मार्च 2016 को भागलपुर यात्रा में विक्रमशिला सेतु के समानांतर फाेरलेन पुल बनाने की घोषणा की थी। इसके डेढ़ साल बाद डीपीआर के लिए एजेंसी का चयन हुआ। 2018 में पुल निर्माण निगम की कंसल्टेंसी एजेंसी ने समानांतर पुल की डीपीआर मंत्रालय को भेजी। इसके डीपीअार के लिए 13 जून काे ही कैबिनेट ने प्रशासनिक स्वीकृति दी, इसलिए डीपीअार बनाने की प्रक्रिया भी तेज हाे गई है।
फोरलेन पुल के बनने के बाद वाहनों का दबाव होगा कम
समानांतर फाेरलेन पुल बनने से जाम से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। पुल के निर्माण से विक्रमशिला पुल पर गाड़ियों का दबाव कम होगा। इससे विक्रमशिला सेतु की उम्र भी बढ़ेगी। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर व बांका समेत झारखंड और बंगाल के रास्ते आने-जाने वाली गाड़ियां विक्रमशिला सेतु से गुजरती हैं। फाेरलेन पुल बनने से विक्रमशिला सेतु वन-वे हाे जाएगा अाैर जाम से राहत मिलेगी।


