आज दीपों का त्योहार दीपावली है। आज के दिन देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या यानी दीपावली पर किए गए दान, हवन, पूजन का फल शीघ्र मिलता है।


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पंडित राजेश मित्र के अनुसार दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त शाम 6:43 बजे से रात 8:14 बजे तक होगा। प्रदोष काल का मुहूर्त 27 अक्टूबर को शाम 5:40 बजे से 8:14 बजे तक रहेगा और वृषभ काल मुहूर्त शाम 6:43 बजे से रात 8:39 बजे तक है। उन्होंने बताया कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से कई गुना फल मिलता है। वहीं, महानिशीथ काल का मुहूर्त रात 11:39 बजे से रात 12:30 बजे तक रहेगा।

बिक रहे घरौंदे और मिट्टी के खिलौने: शहर की सड़कों पर हजारों की तादाद में छोटे व्यवसायी चीनी की मिठाई, बताशे, मिट्टी के खिलौने, घरौंदे, करंज का तेल, मुढ़ी और लावा आदि बेचते देखे जा रहे हैं। बाजार में दुकानों पर काफी भीड़ उमड़ रही है।

कपड़े के फूलों के झालर की खूब हो रही मांग : घर को सजाने के लिए लोग कपड़े के फूल, मोती के झालर और लंबी लड़ियों की खूब खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावे गेंदा के फूलों की भी खूब मांग हो रही है।

घर व द्वार पर बनाई जाती है रंगोली : दीपावली पर रंगोली बनाने की परंपरा वर्षो से चली आ रही है। पंडित राजेश मिश्र के अनुसार इसका धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व है। हंिदूू धर्म में आंगन या द्वार पर रंगोली बनाना बेहद शुभ माना जाता है। लोग इसे घर की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखते हैं। रंगोली बनाना एक कला है। इसे बनाते समय अंगुली और अंगूठा मिलकर ज्ञानमुद्रा बनाते हैं, जो मस्तिष्क को ऊर्जावान बनाता है।

’ प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 5:40 बजे से रात 8:14 बजे तक

’ वृषभ काल का मुहूर्त शाम 6:43 बजे >>से रात 8:39 बजे तक

’ महानिशीथ काल का मुहूर्त रात 11:39 बजे से 12:30 बजे तक

दीपावली को लेकर लोगों ने अपने घरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया है, शनिवार की शाम ढलते ही पूरा शहर जगमगा उठा ’ जागरण

पूजा में चरण चिह्न् से लेकर कमल गट्टे तक का है खास महत्व

लक्ष्मी जी की तस्वीर : पंडित राजेश मिश्र के अनुसार इस दिन लक्ष्मी जी के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है। लक्ष्मी जी की वैसी तस्वीर खरीदें जिसमें दोनों साथ हों। इस तस्वीर की पूजा करना बहुत शुभ माना गया है।

चरण चिन्ह : मां लक्ष्मी के चरण चिन्ह की भी पूजा की जाती है। इसे लक्ष्मी पूजा में रखें और इसके बाद घर की तिजोरी में रखना चाहिए।

श्रीयंत्र : श्रीयंत्र देवी लक्ष्मी का प्रतीक है। इसे घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए।

कुबेर की मूर्ति : कुबेर धन के देवता हैं। इनकी प्रतिमा घर की उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।

दक्षिणावर्ती शंख : लक्ष्मी पूजा में दक्षिणावर्ती शंख का विशेष महत्व है। दीपावली पर शंख खरीदें।

पीली कौड़ी : लक्ष्मी पूजा में पीली कौड़ियां रखने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। क्योंकि, मां लक्ष्मी समुद्र में प्रकट हुई थीं।

कमल गट्टा : देवी लक्ष्मी की पूजा में कमल के गट्टे का विशेष महत्व है। कमल के पौधे से कमल का गट्टा भी मिलता है। कमल गट्टे से बनी माला से लक्ष्मी मंत्र का जाप करना चाहिए।

लघु नारियल : आम नारियल से थोड़ा छोटा होता है लघु नारियल। दीपावली पर इस नारियल की पूजा करनी चाहिए। पूजा के बाद लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख सकते हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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