भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक भैया दूज का त्याेहार मंगलवार को हाेगा। इसमें बहनें अपने भाई की लंबी अायु की कामना करती हैं। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया काे त्याेहार मनाए जाने के कारण इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। मंगलवार काे बहनें भाई के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के साथ उन्हें तिलक लगाएंगी। भाई भी बहन काे उपहार देंगे अाैर उनके घर में भाेजन करेंगे।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

यमराज और यमुना के पूजन का है विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित मनाेज कुमार मिश्र ने बताया कि एेसी मान्यता है कि सूर्य की बेटी यमुना ने अपने भाई यमराज को भोजन कराया था इसलिए इसे यम द्वितीया कहते हैं। इस दिन यमराज तथा यमुना के पूजन का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण में कहा गया है कि भगवान सूर्य की पत्नी छाया के कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर अाने का निमंत्रण दिया, लेकिन वह टालते रहे।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को पुनः यमुना ने यमराज काे भोजन के लिए निमंत्रण दिया। इसके बाद यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई अपने घर नहीं बुलाना चाहता है। बहन बुला रही है तो जरूर जाना चाहिए। इसके बाद वह बहन के घर पहुंचे। यमराज ने बहन के घर आते समय नरक में निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया।

भाई काे तिलक लगाकर भाेजन कराती हैं बहनें

यमराज को अपने-अपने घर आए देख यमुना की खुशी का ठिकाना न रहा। यमुना के अातिथ्य सत्कार से प्रसन्न होकर यमराज ने बहन को वर मांगने को कहा ताे यमुना ने कहा कि प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आकर भोजन करें। मेरी तरह जो बहनें अपने भाई का आदर सत्कार कर टीका करेंगी, उस भाई काे अापका भय नहीं हाे। यमराज तथास्तु कहकर यमलोक लौट गए। एेसे मान्यता है कि बहन इस दिन भाई काे तिलक लगाकर भाेजन कराएगी, ताे भाई दीघार्यु हाेगा।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet