नवगछिया : इस साल सर्व पितृ अमावस्या की रात को सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह 2 अक्टूबर की रात को शुरू होगा। ग्रहण लग जरूर सर्व पितृअमावस्या पर हो रहा है, लेकिन खत्म 3 अक्टूबर को तड़के होगा, इसलिए ग्रहण का दान नवरात्र पर किया जाएगा। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण रात 9.13 बजे शुरू होगा और रात में 3.17 बजे खत्म होगा। ग्रहण, अर्जेंटिना, अमेरिका, ब्राजिल, मेक्सिको, न्यूजीलेंड, पेरू, सहित कई देशों में दिखाई देगा।

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भारत में ग्रहण के समय रात रहेगी, यहां सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए ग्रहण का धार्मिक महत्व हमारे देश में नहीं है। इस ग्रहण का सूतक काल नहीं लगेगा, लेकिन ग्रहण का ज्योतिषिय दृष्टि से राशियों पर प्रभाव होता है। किसी भी ग्रहण के बाद दान करने का विधान है। ग्रहण के बाद दान करना शुभफलदायी कहा जाता है।  ग्रहण के बाद तीर्थ स्थल में स्नान कर लोग दान करते हैं। यहां जानें ग्रहण के बाद आप शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को सुबह किन चीजों का दान कर सकते हैं।

ग्रहण समाप्ति अर्थात मोक्ष होने के बाद किसी तीर्थ स्थल पर या फिर घर पर रखे हुए तीर्थ जल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इस दिन किसी गरीब को चना, गेहूं, गुड़ और दाल समेत आदि चीजों का दान करना शुभफलदायी माना जाता है।  वैसे चंद्र ग्रहण के दिन सफेद चीजों का दान किया जाता है।

इसके अलावा राहु केतू से जुड़ा दान भी करना चाहिए। इसमें आप जूते का दान कर सकते हैं।  केले, दूध, फल और दाल का दान भी लाभ देता है।  ग्रहण के बाद लोगों को अपने लग्न एवं राशि अनुसार किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुएं ही दान करनी चाहिए।

By न्यूज़ डेस्क

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