शारदीय नवरात्र इस बार सात अक्टूबर से शुरू होगी। पंचमी व षष्ठी पूजा एक दिन होने के कारण नवरात्र का समापन 15 अक्टूबर को होगा। इस बार मां का आना अच्छा नहीं माना जा रहा है। जबकि उनका जाना शुभ है।
जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि इस बार मां दुर्गा डोली पर आयेंगी और हाथी पर सवार होकर जाएंगी। इस परिस्थिति में आगमन बेहतर नहीं है। इसलिए महामारी फैलाने, अधिक मौतें होने की संभावना बनी रहेंगी। जबकि मां के हाथी पर जाने से देश में अधिक बारिश होने के साथ फसल का बेहतर उत्पादन होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि सात अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:36 से 12:24 तक शुभ कारक होगा। इस दौरान चित्रा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। इस बार 11 अक्टूबर को पंचमी व षष्ठी तिथि एक ही दिन होने के कारण नवरात्र नौ दिनों की होगी। 13 अक्टूबर को अष्टमी पूजा होगी। नवमी पूजा 14 अक्टूबर व विजया दशमी 15 अक्टूबर को होगी।


