नवगछिया: नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग की 5 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर सहित चार प्रमुख स्थलों पर पिछले 24 घंटों के दौरान जलस्तर बढ़ा है। कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के निचले हिस्से (टो) तक पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी जगह जलस्तर अभी भी चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।
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जल संसाधन विभाग के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा का जलस्तर 29.43 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 9 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का स्तर 31.60 मीटर निर्धारित है।
राघोपुर में गंगा का जलस्तर 30.47 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जिसमें 24 घंटे के दौरान 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। यहां चेतावनी स्तर 32.68 मीटर तथा खतरे का स्तर 33.68 मीटर है।

वहीं मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 29.45 मीटर दर्ज किया गया, जो 8 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का स्तर 31.48 मीटर निर्धारित है।
जेबी चोरहर में कोसी नदी का जलस्तर सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर बढ़कर 30.35 मीटर पर पहुंच गया। यहां चेतावनी स्तर 30.77 मीटर तथा खतरे का स्तर 31.77 मीटर है। इस स्थल पर भी नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंच चुका है, लेकिन फिलहाल स्थिति सुरक्षित बनी हुई है।
जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है। अभियंताओं को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने संभावित कटाव या आपात स्थिति से निपटने के लिए फ्लड फाइटिंग सामग्री भी संवेदनशील स्थलों पर उपलब्ध करा दी है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी स्थान पर खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
