हिंदू संस्कृति के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने के लिए ज्योतिष शास्त्र के जानकारों से मुहूर्त निकलवाया जाता है, ताकि वह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके और उसका परिणाम शुभ हो। सनातन धर्म के पंचांग में एक महीने शुभ कार्याें के लिए वर्जित है। इसे साधारण बोलचाल की भाषा में खरमास का जाता है। इस बार 16 दिसंबर की दोपहर 3:30 पर खरमास शुरू हो रहा है जो 14 जनवरी 2020 तक रहेगा। एक महीने की इस अवधि में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन सहित सभी छोटे-बड़े मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद 2020 के 15 जनवरी से शादी की शहनाइयां गूंजने लगेंगी।
14 जनवरी काे रात 2 बजकर 8 मिनट पर हाेगा खत्म
ज्योतिषाचार्य पंडित द्यानद पाण्डेय ने बताया कि 16 दिसंबर को 3:30 से खरमास शुरू होगा इस दौरान किसी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं होंगे। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में शादी, सगार्इ, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, उपनयन संस्कार जैसे कार्य पूर्ण रूप से वर्जित हाेंगे। मान्यता है कि इस दाैरान किये गए कार्य के सही रूप में फल प्राप्ति नहीं हाेती है।

पंचांग के अनुसार 14 जनवरी 2020 काे देर रात 2 बजकर 8 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। उसी दिन मकर संक्रांति है। इसके बाद मांगलिक काम हाे सकते हैं।
धनु राशि में रहने से सूर्य पड़ जाते हैं कमजाेर
ज्योतिषाचार्य पंडित द्यानद पाण्डेय के अनुसार खरमास में सूर्य धनु राशि में रहते हैं, जिससे सूर्य कमजोर रिश्ते में रहते हैं। सूरज की स्थिति कमजोर हो तो शुभ मांगलिक कार्य नहीं करनी चाहिए। इस दौरान किए गए पूजन से शुभ फल फल प्राप्त नहीं होता।


