नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में सितंबर में एक भी सर्जरी नहीं होने पर वहां के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अंजु तुरियार के खिलाफ प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. विजय प्रकाश राय ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने गुरुवार को अस्पताल का जायजा लिया तो पता चला कि महीने की 20 तारीख समाप्त होने को है पर एक भी सिजेरियन केस नहीं किया गया है। जबकि आए दिन सदर अस्पताल या मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस इलाके से महिलाओं को रेफर करने की सूचना आती है।
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पहले भी सिजेरियन करने का पत्र दिया गया था लेकिन इस बार तो नतीजा बिल्कुल शून्य है। इसलिए सिजेरियन करने की हर हाल में व्यवस्था करें, ऐसे मरीजों को चिन्हित करें और उनका इलाज करें। बता दें कि सिजेरियन को लेकर पूर्व में भी सुल्तानगंज, नवगछिया, कहलगांव, पीरपैंती व नाथनगर अस्पतालों के प्रभारियों को डीएम की समीक्षा बैठक में पोल खुलती रही है। एक बार डीएम के प्रभार में रहे डीडीसी की बैठक में सुल्तानगंज प्रभारी के साथ कहासुनी भी इस मुद्दे को लेकर हो गई थी, बाद में इस मामले में डैमेज कंट्रोल हुआ था।


चूंकि हर बार सिजेरियन के लिए समीक्षा बैठक में चर्चा होने पर अगले महीने का समय मांग लिया जाता था, इसी वजह से बात बढ़ गई थी। पहले सर्जन के नहीं होने का बहाना बनाया जाता था, बाद में एनेस्थेटिक का और जब इमोक ट्रेंड डॉक्टर अस्पतालों में नियुक्त हो गए तो खून की कमी का तर्क दिया जाता है। हैरत की बात तो यह है कि कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल में एक बार तीन-तीन यूनिट खून बिना यूज किए ही बर्बाद हो गया था। इसके बाद से वहां खून की आपूर्ति ही बंद कर दी गई है।

