चंडीगढ़ से कटिहार जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन रद्द होने के बाद नवगछिया रेलवे स्टेशन पर मौजूद नवगछिया पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और स्वस्थकर्मियों ने कर्मनाशा श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आउटर सिग्नल पर उतरे श्रमिकों का पंजीयन और स्क्रीनिंग कराई।
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बताया जाता है कि कर्मनाशा श्रमिक स्पेशल ट्रेन श्रमिकों को लेकर पूर्णिया जा रही थी। इस दौरान ट्रेन नवगछिया स्टेशन के आउटर सिग्नल पर रुक गई। ट्रेन से लगभग 160 श्रमिक उतरे जो भागलपुर, बांका, गोड्डा, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के रूपौली के थे। ट्रेन में बांका के 49, भागलपुर के 16 और मधेपुरा के 17, खगड़िया व दुमका के तीन-तीन और गोड्डा के चार श्रमिक थे। ट्रेन रुकते ही मजदूरों का पंजीयन कराया गया।

पंजीयन के बाद सभी की अनुमंडलीय अस्पताल में सक्रीनिंग की गई। बाद में बस से सभी को उसके जिले में भेज दिया गया। स्टेशन अधीक्षक एनके तिवारी ने बताया कि कर्मनाशा श्रमिक स्पेशल ट्रेन के नवगछिया पहुंचने के पहले एक मालगाड़ी नवगछिया से खुली थी, इसीलिए लाइन क्लियर नहीं थी। ट्रेन आउटर पर दो मिनट के लिए रुक गयी। ट्रेन रुकते ही लगभग 160 प्रवासी मजदूर उतर गए और भागलपुर जानेवाले रास्ते की ओर जाने लगे। आनन- फानन में आरपीएफ और जीआरपी ने सभी मजदूरों को घेरा और नवगछिया पुलिस को सूचना दी। नवगछिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजकपूर कुशवाहा पुलिस बलों के साथ स्टेशन पहुंचे और सभी को प्लेटफॉर्म पर सामाजिक दूरी के घेरे में बिठाया।
भूख-प्यास से सभी का बुरा हाल था। बांका के एक मजदूर में बताया कि दो दिन से सिर्फ पानी पीकर हैं। वहीं गोड्डा के मजदूर ने कहा कि कई दिनों से सोए नहीं हैं। मजदूरों ने बताया कि उसे ट्रेन किस स्टेशन पर उतारेगा, यह नहीं बताया गया था। हमलोग सोचे थे कि कटिहार उतरकर अपने घर चले जाएंगे। नवगछिया स्टेशन पर आउटर सिग्नल पर ट्रेन रुकते ही लोग उतर गए। सोचा यहां से घर नजदीक पड़ेगा। स्टेशन पर जांच व स्क्रीनिंग के बाद नवगछिया थनाध्यक्ष कुशवाहा द्वारा सभी को पानी और बिस्कुट दिया गया। इसके बाद सभी को बस से उसके जिला में भेज दिया गया।

