बाइक में तेतरी पेट्रोल पंप से पेट्राेल लेकर लौट रहे किसान को गुरुवार की शाम 5:00 बजे पकरा मोड़ के पास छह अपराधियों ने दौड़ाकर गोलियों से भून डाला। उन्हें दो गोली मारी गई। एक गोली दाएं पंजरे में और दूसरी बाएं पंजरे में लगी। मरने वाले की पहचान देवपूजन सिंह (45 वर्ष) उर्फ छोटू सिंह निवासी पकरा के रूप में हुई है। घटना की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। वहां पर परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया। महिलाएं हत्या के लिए किसी प्रमुख और कुशवाहा का नाम लेकर उसे जिम्मेदार बता रही थीं। जानकारी के मुताबिक अपराधियों ने छाेटू सिंह को रास्ते में घेर लिया। वह सड़क पर बाइक छोड़कर पास के खेत की ओर दौड़ने लगे। इसी दौरान उन्हें दो गोली मारी गई। जब अपराधी आश्वस्त हो गए कि मौत हो गई है तब हथियार लहराते हुए भाग गए। अपराधियों ने करीब 10-12 राउंड गोलीबारी की। बताया जाता है कि घटना के वक्त छोटू की बाइक पर एक और व्यक्ति था। वह कौन था इसका पता नहीं चल पाया है।

ललाट पर मिले जख्म के निशान

छोटू के ललाट पर भी जख्म के निशान मिले हैं। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की सुरक्षा में शव को गांव लाया गया। गांव में तनाव की स्थिति है। एसडीपीओ ने कहा कि छोटू सिंह की जेब से एक लाख नकदी, चेन, अंगूठी पुलिस ने बरामद की है। इससे स्पष्ट है कि हत्या करने की मंशा से ही अपराधियों ने वारादात को अंजाम दिया है।

इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थति बताई गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ मुकेश कुमार व एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। जहां सुरक्षा को लेकर पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ ने कहा कि इस मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने नाकेबंदी की है। पुलिस छापेमारी कर रही है। परिजनों के बयान या आवेदन मिलने का इंतजार है, इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बताया जाता है कि मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है।

6 माह से गांव दो गुटों में बंटा हुआ था। तीन माह पहले दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट भी हुई थी। इसमें छोटू सिंह भी घायल हुए थे। मारपीट की घटना में पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर दोनों पक्षों के लोगों को जेल भेजा था। जमानत पर बाहर आते ही दोनों पक्षों के बीच फिर खुन्नस बढ़ गया। 18 जनवरी को पकरा में गोलीबारी का मामला भी सामने आया था।

इसकी भी प्राथमिकी नवगछिया थाने में दर्ज की गई थी। परिजन कह रहे हैं कि पकरा में एक के बाद एक हुई घटना के बाद यदि पुलिस ने कार्रवाई की होती तो इस तरह की घटना नहीं होती। घटना की खबर इलाके में आग की तरह फैली। अनुमंडल अस्प्ताल पहुंचे पूर्व सांसद अनिल यादव, आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव, अधिवक्ता अजीत कुमार ने पुलिस के लॉ एंड आॅर्डर पर सवाल खड़ा किया है।

हत्याकांडों का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से बदमाशों के बढ़े हौसले

नवगछिया पुलिस जिले में हत्याकांडों में पुलिस की कार्रवाई में देरी होने से अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी कई घटनाएं नजीर हैं, जिसमें पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज की पर न ही हत्याकांडों का खुलासा पुलिस कर पाई और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी। शातिर आरोपी फरार चल रहे हैं

लोगों ने लॉ एंड आॅर्डर पर खड़े किए सवाल

महज दस मिनट पहले घटनास्थल से गुजरी थी पांच थाने की पुलिस

किसान छोटू सिंह की हत्या के महज दस मिनट पहले ही उक्त स्थल से पांच थानों की पुलिस सिंघिया मकंदपुर निवासी मंटू चौधरी की लाश को लेकर निकली थी। स्थानीय लोग बताते हैं कि पुलिस वाहनों के गुजरने के महज दस मिनट बाद ही देखा गया कि पकरा मोड़ के पास बाइक पर सवार कुछ लड़के वहां चहलकदमी कर रहे हैं। तभी देखा गया कि एक व्यक्ति अपनी बाइक को छोड़कर खेत की तरफ भाग रहे हैं और गोली चलाते हुए 3-6 लड़के पीछा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि दो का मुंह ढंका हुआ था और चार का मुंह खुला हुआ था। लेकिन दूर होने के कारण वे लोग पहचान नहीं कर पाये। जब तक वे लोग कुछ समझ पाते तबतक खेत में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी थी। हत्या कर के सभी अपराधी सड़क पर आये और भागलपुर की ओर भाग गये।

{सोनू राय हत्याकांड का शातिर शूटर छोटुवा तीन माह बाद भी पुलिस की पकड़ में नहीं आया।

19 जनवरी : नवगछिया के वार्ड नंबर 12 में सवेत आलम के घर लाखों की चोरी, इसका खुलासा नहीं हुआ।
21 जनवरी : नवगछिया थाना क्षेत्र के विक्रमशिला पहुंच पथ के पास जगतपुर निवासी महिला सीता देवी की रहस्यमय मौत मामले में खुलासा नहीं हुआ।
18 जनवरी : रंगरा के बनिया गांव में विवाहिता किरण देवी की हत्या कर शव को कई टुकड़ों में काटा, सभी आरोपी फरार हैं।
18 जनवरी : नवगछिया में भंवरा के पास मधेपुरा के नीतीश का शव बरामद, मामले में तीन नामजद फरार हैं।
20 जनवरी : रंगरा में रामचंद्र मंडल की नृशंस हत्या कर दी गई पर सभी आरोपी फरार हैं।
4 दिसंबर : नवगछिया के नया टोला निवासी युवक मिथुन का शव बरामद हुआ, पर इसमें कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

एक ही दिन तीन हत्याकांड सामने आने से सहम गया नवगछिया

गुरुवार को एक ही दिन हत्याकांड से जुड़ी तीन घटनाओं के सामने आने पर नवगछिया दहल उठा है। लोग नवगछिया की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं। सुबह दस बजे उजानी में अज्ञात महिला का शव मिला, तो शाम साढ़े चार बजे तेतरी के गोपाल सिंह के खुले गोदाम के पास सिंघिया मकंदपुर निवासी मंटू चौधरी का शव मिला। इस घटना के चंद मिनट ही हुए थे कि अपराधियों ने एक और वारदात को अंजाम देते हुए छोटू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। पूर्व सांसद अनिल यादव ने कहा कि नवगछिया में विधि व्यवस्था की स्थिति काफी खराब है। अपराधी जिसे चाहे उसे अपना शिकार बना सकते हैं। पुलिस प्रशासन को अपराधियों से सख्ती से निपटना होगा। आजाद हिंद मोर्चा ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। अस्प्ताल पहुंचे नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि प्रेमसागर उर्फ डब्लू यादव, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र नारायण चौधरी उर्फ कौशल, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त की।

तनाव पर पुलिस की पेट्राेलिंग बढ़ी

किसान छोटू सिंह की हत्या के बाद पकरा गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव भेज दिया गया है। हत्याकांड की घटना के बाद गांव में पुलिस की पेट्राेलिंग बढ़ा दी गई है।

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By न्यूज़ डेस्क

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