बिहपुर : सिस्टम के आदेश की आस में गंगा दियारा में सैकड़ों रैयतदारों के हक पर दबंग और कुख्यातों की फसल लहलहा रही है। दशकों पहले गंगा की जलधारा में समाहित जमीन अब धारा का रुख बदलने से बाहर निकल आई है। ऐसी जमीन पर कब्जे के लिए गंगा दियारा में आए दिन खूनी संघर्ष जारी है।


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जबकि जमीनों के रैयतदार कब्जा पाने के लिए शासन-प्रशासन से आस लगाए हैं। सोनवर्षा में आयोजित डीएम के जनसंवाद कार्यक्रम में किसानों ने इस मामले को उठाया था। डीएम ने सकारात्मक पहल का आश्वासन भी दिए थे। बिहपुर एवं नारायणपुर प्रखंड के सोनवर्षा मौजा, हरिपुर उर्फ साहपुर मौजा, टेकवाजपुर मौजा एवं अमरी विशनपुर मौजा के 400 रैयतों की 25 सौ एकड़ जमीन गंगा की धारा से बाहर आई है। यह जमीन वर्तमान में बिहार सरकार के नाम पर दर्ज है।

बिहपुर अंचल अधिकारी बलिराम प्रसाद का कहना है कि आंदोलन तेज करेंगे रैयतदार : किसान महासभा अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक निरंजन चौधरी, प्रखंड संयोजक रामशरण यादव, प्रणय समदर्शी का कहना है कि दियारा में हजारों एकड़ जमीन जो रैयत के नाम से थी। सर्वे के समय गंगा में डूबे होने के चलते बिहार सरकार के नाम पर हो गई है। इन जमीनों पर दबंगों का का कब्जा है। जबकि उक्त जमीन पुराने रैयतों के नाम पर दर्ज की जानी चाहिए। इस मामले को सोनवर्षा में आयोजित डीएम के जनसंवाद कार्यक्रम में किसानों ने उठाया था। डीएम ने पहल करने का आश्वासन भी दिया था। इसको लेकर हम लोग पुनः जिलाधिकारी से मिलेंगे। जरूरत पड़ी आंदोलन करेंगे।

By न्यूज़ डेस्क

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