आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर से तैयारी शुरू कर दी गई है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, मतदाताओं के नाम में हुई अशुद्धी, स्थनांतरित हुए मतदाता के नाम को सूची से हटाने और नए मतदाताओं का नाम सूची में जोड़े जाने की कवायद तेज कर दी गई है। नवगछिया नगर के गोपाल गोशाला में गुरुवार को 153 गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी मतदान स्तरीय पदाधिकारी व पर्यवेक्षक शामिल हुए। इस दौरान एसडीओ ने सभी पदाधिकारी व पर्यवेक्षक से मतदाता सूची को लेकर निर्वाचन विभाग के दिए गए निर्देश के अनुसार किए गए कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसडीओ ने कहा कि मोबाइल एप के माध्यम से सभी मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी व पर्यवेक्षक मतदान केंद्र के मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
स्थाई रूप से स्थानांतरित हुए वोटरों का सूची से हटेगा नाम
एक जनवरी 2020 को अहर्ता रखने वाले योग्य मतदाताओं का सत्यापन कर प्रपत्र छह उपलब्ध कराएंगे। स्थाई रूप से स्थानांतरित हुए मतदाताओं का सत्यापन कर व ऐसे मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। एसडीओ ने कहा कि मतदाता सूची में जिन मतदाताओं की प्रवृष्टि में संशोधन होना है। उसका सत्यापन कर प्रपत्र आठ प्राप्त करेंगे। लीगल ऐरर व डीएसई प्रवृष्टियों का भौतिक सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। मतदाता सूची में खराब गुणवत्ता व गैर मानक छायाचित्र में सुधार कर आएंगे। यदि किसी मतदान केंद्र में परिवर्तन की आवश्यकता हो, तो उसका प्रस्ताव भेजेंगे।


मानदेय लंबित होने पर एसडीओ ने पदाधिकारियों से किया शोकॉज
सभी मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी व पर्यवेक्षकों को यह स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक परिवार जो एक घर में एक इकाई के रूप में रहता है एवं उस मतदान केंद्र के अंदर उनके साथ स्थनांतरण की स्थिति में उस परिवार को वहीं गृह संख्या प्रदान करेंगे एवं मोबाइल एप के माध्यम से डाटा संग्रहण एवं सत्यापन करेंगे। बैठक के दौरान मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी ने एसडीओ को बताया गया कि उन लोगों के मानदेय का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस संबंध में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी से मानदेय लंबित रहने के कारण स्पष्टीकरण पूछा। वहीं बैठक में अनुपस्थित रहे सभी मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी व पर्यवेक्षकों का एक दिन का वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण पूछा गया है।

