नवगछिया : इस्माइलपुर में निजी जमीन पर बने सड़क को तोड़ने के आदेश के बाद एक तरफ तो किसानों ने ही प्रशासनिक पदाधिकारियों को सड़क तोड़ने से मना कर दिया तो दूसरी तरफ अब किसानों का आरोप है कि पुलिस पदाधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों ने जबरदस्ती एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया है. किसानों के तरफ से मामले की बाबत नवगछिया व्यवहार न्यायालय में सनहा भी दायर किया है.
– मामला इस्माइलपुर में निजी जमीन पर सड़क निर्माण का
– अंचलाधिकारी ने कहा किसी से जबरदस्ती नहीं करवाया गया हस्ताक्षर
किसान रौशन कुमार यादव का आरोप है कि इस्माइलपुर के सीओ सुरेश प्रसाद, थानाध्यक्ष अजय कुमार आजाद और ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता राममनोहर ठाकुर ने दबाव बना कर उनलोगों से जबरन एक सादे कागज पर हस्ताक्षर ले लिया है. इस प्रकरण के तीसरे दिन किसानों का कहना है कि वे लोग सड़क तोड़ने के पक्ष में नहीं है लेकिन सड़क में उनलोगों की जितनी जमीन ली गयी है, उस हिसाब से उनलोगों कोमुआवजा मिलना चाहिए. किसानों फूलो मंडल, सिंटू कुमार, बेचन यादव, गनौरी मंडल, बिंदेश्वरी मंडल, रौशन कुमार यादव ने कहा कि उनलोगों को डर है सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा कर उनलोगों को जमीन के एवज में मुआवजे वंचित करवा दिया जायेगा.

इस तरह से जबरन ले लिया गया हस्ताक्षर
किसानों का कहना है कि प्रशासनिक पदाधिकारियों ने उनलोगों को सोचने के लिए पांच मिनट का भी वक्त नहीं दिया. सभी सड़क तोड़ने के लिए पहुंचे थे. वैसे किसान जिनकी जमीन सड़क में ली गयी है उन्हें घर से बुलाया गया और उसे बोला गया कि सड़क तोड़ा जा रहा है. इस पर किसानों ने कहा कि सड़क तोड़ने की कोई जरूरत नहीं है. इस पर पदाधिकारियों ने कहा कि ठीक है अगरसड़क को बचाना है तो इस कागज पर हस्ताक्षर करो. इसके बाद इस तरह से दबाव बनाया जाने लगा कि सभी किसानों ने एक एक कर हस्ताक्षर कर दिये.
कहते हैं सीओ
इस्माइलपुर के सीओ सुरेश प्रसाद ने कहा कि किसी किसान से जबरदस्ती हस्ताक्षर नहीं करवाया गया है. सबों ने अपनी सहमती और होश में हस्ताक्षर किया है.


