नवगछिया : प्रमंडलीय आयुक्त दयानिधान पांडे के आदेश के बावजूद भी नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच शुरू नहीं हो सकी है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। मरीज निजी जांच घर में पैसे देकर अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। तीन माह पूर्व प्रमंडलीय आयुक्त ने नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया गया था।
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उस दौरान उन्होंने 15 दिन में डॉक्टर को प्रशिक्षण देकर अल्ट्रासाउंड जांच शुरू कराने का निर्देश दिया था। किंतु तीन माह बीतने के पश्चात भी अल्ट्रासाउंड को सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। जच्चा बच्चा मृत्यु दर को कम करने समेत अन्य मरीजों की सुविधा के लिए अनुमंडलीय अस्पताल को 10 लाख रुपए से ज्यादा की अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई थी।
इस मशीन को ऑपरेट करने के लिए अस्पताल की एक महिला चिकित्सक डॉ. अंजू तुरियार को 15 दिन की ट्रेनिंग भी दी गई थी। किंतु जब से मशीन लगी है, मात्र 15 से 20 गर्भवती महिलाओं का ही अल्ट्रासाउंड हो पाया है। इसके बाद डॉ. अंजू तुरियार का तबादला दूसरी जगह हो गया। तब से अल्ट्रासाउंड सेवा यहां बंद है। प्रत्येक दिन 15-20 प्रसव पीड़ित यहां प्रसव करवाने आती हैं।

गर्भवती महिलाएं व अन्य रोगी अल्ट्रासाउंड मशीन वाले कमरे के गेट पर लटक रहे ताले को देखकर लौट जाते हैं। वे मोटी रकम खर्च कर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में जाकर जांच करवाते हैं।
