नवगछिया:आश्रय स्थल जहां रात में गरीब आश्रय पाकर चैन का आभास करते हैं अगर वही बिना भोजन के असहायों को रात गुजारनी पड़े तो सरकारी सिस्टम को बेचैनी महसूस होनी चाहिए, पर नवगछिया नगर परिषद क्षेत्र में एनएच-31 पर बने आश्रय स्थल में असुविधा को लेकर जिम्मेदार चैन की बंसी बजा रहे हैं। आलम यह है कि यह आश्रय स्थल भोजन पानी के लिए खुद दूसरों की कलम पर आश्रित होकर हो गया है।
इसके चलते यहां रात गुजारने वाले असहाय भूखे सोने को मजबूर हो रहे हैं। जब आश्रय स्थल का हाल जाने के लिए भास्कर की टीम पहुंची तो वहां दो महिला व एक पुरुष मौजूद थे। रसोईया मनीषा कुमारी से जब खानपान की जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि खाना परोसे जाने की बात कही। तभी मौके पर मौजूद वृद्धा ने बताया कि वह बाहर मजदूरी करती हैं और खुद खाना खाती है। इसकी जानकारी जब रसोईया से ली गई तो पता चला कि 15 दिन से आश्रय स्थल में राशन-पानी ही खत्म है। इसके लिए जिम्मेदारों को लिखित जानकारी दी गई है। रसोईया मनीषा कुमारी ने बताया कि आश्रय स्थल में चार महिलाएं और एक पुरुष है। बेसहारों के लिए छत व खाने की सुविधा उपलब्ध है लेकिन यह सुचारू नहीं हो पा रहा है। नवगछिया का आश्रय स्थल, जहां अव्यवस्था दिखी।
आश्रय घर में पांच लोगों को ही मुफ्त भोजन देने का है प्रावधान इस संबंध में सिटी मिशन मैनेजर रंजीत कुमार ने बताया कि आश्रय घर में पांच बेसहारा लोगों के लिए ही मुफ्त भोजन का नियम है। वह भी जो खुद काम करने में असमर्थ है। वैसे लोगों के लिए जो काम करने में समर्थ है उन्हें आश्रय स्थल में ठहरने की व्यवस्था मुफ्त है, पर भोजन के लिए तय शुल्क चुकाना होता है। जब उनसे पूछा गया की आश्रय स्थल में राशन नहीं है तो बेसहारा भोजन कहां करेंगे तो रंजीत ने चुनाव का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। उधर, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। अब इस संबंध में नगर मिशन प्रबंधक से जानकारी लेकर व्यवस्था ठीक कराएंगे।


