पांच साल बाद नवगछिया इलाके के लिए एक अच्छी खबर है। जह्नावी चाैक से इस्माइलपुर तक 10.50 किलाेमीटर लंबा रिंग बांध बनकर तैयार हाे गया है। 28 कराेड़ की लागत से इसका निर्माण हुआ है।
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स्लुइस गेट भी बना है। अब नवगछिया, गाेपालपुर व इस्माइलपुर की करीब चार लाख की आबादी आैर 40 हजार एकड़ खेत अब बाढ़ से प्रभावित नहीं हाेंगे। इस बार गंगा में पानी बढ़ने के बाद भी इन इलाकाें में बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।
केलाबाड़ी व मंधक टाेला से गंगा का पानी बांध से सट गया है। इसके बाद भी वहां के लाेगाें काे राहत है। पहले जिन इलाकाें के खेत बाढ़ के पानी में डूबे रहते थे, अब वहां सब्जी की फसल लहलहा रही है। इस्माइलपुर के लाेगाें काे नवगछिया आने में लंबी दूरी भी तय नहीं करनी पड़ रही है। पहले जह्नावी चाैक से पहले नवगछिया हाेकर इस्माइलपुर जाने में करीब 20 किलाेमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।

अब गांव 10 किमी है। अगर बांध पर पक्की सड़क बन गई ताे नवगछिया के इलाके के लाेगाें काे जाम से भी राहत मिलेगी। उन्हें नवगछिया, गाेपालपुर आैर इस्माइलपुर जाने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। जब विक्रमशिला सेतु के पहुंच पथ पर जाम लगेगा ताे वाहन उस रास्ते से जा सकेंगे। फरवरी 2018 में बांध का निर्माण श्रीराम इंटरप्राइजेज ने शुरू किया था। काेराेना के कारण भी काम में देर हुई।
बांध पर कई जगहाें पर अतिक्रमण
बांध के रख-रखाव की अब तक काेई ठाेस व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह लाेग मवेशी बांध रहे हैं। कई जगहाें पर झाेपड़ी भी बना ली है। अगर अभी से अतिक्रमण नहीं हटाया गया ताे आगे परेशानी हाेगी। बारिश की वजह से कई जगहाें पर बांध की मिट्टी भी बह गई है आैर वहां दरार आ गई है। इसमें लगातार मिट्टी भरने की आवश्यकता है। मंधक टाेला, केलाबाड़ी समेत जगहाें पर लाेग लकड़ी भी बांध पर रख रहे हैं। हालांकि जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश कुमार ने बताया कि बांध की देखरेख के लिए जूनियर इंजीनियर और निर्माण एजेंसी के कर्मचारी वहां रहते हैं।
बांध अब 18.75 किमी लंबा हाे गया
इस्माइलपुर के बिंद टाेला से गाेपालपुर तक पहले ही रिंग बांध था। इसकी लंबाई 8.25 किलोमीटर थी। अब जह्नावी चाैक से इस्माइलपुर बांध बन जाने से इसकी लंबाई 18.75 किलाेमीटर हाे गई है।
रिंग बांध पर 20 किलाेमीटर लंबी सड़क बनाने का भी प्रस्ताव
इस बांध पर करीब 20 किलाेमीटर लंबी सड़क बनाने की भी याेजना है। अगस्त में जब जल संसाधन विभाग के मंत्री आए थे ताे इस्माइलपुर से बिंदटोली तक और इस्माइलपुर से जाह्नवी चौक तक 20 किलोमीटर लंबी सड़क बनने की मांग की गई। इसके बाद विभाग से प्रस्ताव भेजा गया। इस पर गंगा फ्लड कंट्रोल कमेटी के डायरेक्टर एसएन दास ने इसका निरीक्षण किया था। 5.44 कराेड़ की लागत से सड़क बनने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद इस दिशा में पहल हाेने की संभावना है।
इन गांवाें के लाेगाें काे मिलेगा फायदा
नवगछिया के जमुनिया, तेतरी, पकरा, खगड़ा, जगतपुर, इस्माइलपुर के इस्माइलपुर पूर्वी भिट्ठा, पश्चिमी भिट्ठा, नारायणपुर लक्ष्मीपुर, छोटी परबत्ता, कमलाकुंड, गोपालपुर के सैदपुर, तिनटंगा, डिमहा, मकंदपुर, पचगाछिया, कमलाकुंड आदि।
