ढोलबज्जा : मध्य विद्यालय ढोलबज्जा। यहां बच्चे जान हथेली पर रखकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। उनके सिर पर हर वक्त मौत का खतरा मंडराता रहता है। स्कूल की छत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट का नंगा तार गुजरा है। गेट पर बिजली का बड़ा ट्रांसफार्मर लगा है। इसके बीच में बच्चों और शिक्षकों की जान अटकी रहती है। अभिभावक सुशील स्वर्णकार, अरुण शर्मा, रूबी कुमारी, प्रदीप महतो, विजय रजक, संतोष साह, रीता देवी, सुशील ठाकुर, गौतम प्रसाद भगत, बबलू कुमार भगत ने कहा कि बिजली का नंगा तार गिरने या ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से इस स्कूल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
लेकिन शिक्षा विभाग और बिजली विभाग दोनों ही संवेदनहीन बना है। जब भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जाते हैं, प्रधानाध्यापक से शिकायत करते हैं कि इस तार को जितना जल्दी हो सके हटवाएं, नहीं तो हम अपने बच्चों को यहां नहीं पढ़ाएंगे। प्रधानाध्यापक कहते हैं कि कई बार इसकी शिकायत जिला शिक्षा विभाग से की, लेकिन, विभाग इसकी सुध नहीं ले रहा।


भय से स्कूल नहीं आते 50 बच्चे
स्कूल में 200 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इस तार की वजह से 150 बच्चे ही रोज स्कूल आते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता हर दिन उनके सकुशल घर लौट आने की राह तकते रहते हैं। अनहोनी की आशंका से दिनभर सहमे रहते हैं। छात्र सूरज कुमार, छात्र नेहा कुमारी, भवाती कुमारी, आंचल कुमारी, प्रीती कुमारी, मुस्कान कुमारी, चंचल कुमारी, वर्षा कुमारी, आयुषी कुमारी ने बताया कि भय के कारण न स्कूल में खेल पाती हूं और ना ही पढ़ पाती हूं। प्रधानाध्यापक घनश्याम प्रसाद ने कहा कि इसकी लिखित जानकारी विभागीय अधिकारियों को कई बार दी गई। लेकिन नतीजा सिफर रहा

