नवगछिया के झांव गांव में शुक्रवार की शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोचिंग से घर लौट रहे छठवीं कक्षा के छात्र आदित्य कुमार (12) की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक आदित्य वशिष्ठ साह का सबसे छोटा बेटा था। दो भाई और पांच बहनों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार में वह सबका दुलारा था।
Total Downloads: 65
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रामू मंडल और उसके दोस्त नीतीश को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने जुर्म स्वीकार किया है।
कैसे हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे आदित्य कोचिंग से घर लौट रहा था। पहले से घात लगाए बैठे रामू और नीतीश ने उसे रास्ते में रोक लिया। दोनों ने विश्वास में लेकर आदित्य को इधर-उधर घुमाया। अंधेरा होने पर सुनसान जगह ले जाकर धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी, और शव को पास की झाड़ी में फेंक दिया।

एकतरफा प्यार बना मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में रामू ने बताया कि वह आदित्य की बड़ी बहन से एकतरफा प्रेम करता था। बात आगे नहीं बढ़ी तो 18 अक्टूबर को उसने एक चिट्ठी लिखकर आदित्य को दी और कहा कि इसे बहन तक पहुंचा देना। आदित्य ने यह चिट्ठी अपने पिता को दे दी। इससे रामू नाराज हो गया।
युवती के पिता ने यह बात रामू के परिवार वालों को बताई। परिवार की ओर से समझाया गया कि आगे ऐसी हरकत नहीं होगी। कुछ दिन स्थिति ठीक रही, लेकिन रामू ने फिर लड़की को रास्ते में रोकना, कमेंट करना और उसे अपने प्यार के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब युवती ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने आदित्य को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद घर में मातम का माहौल है। माता-पिता और बहनें बदहवास हालत में हैं। बहन फफक-फफक कर कह रही थी, “हमारा सब कुछ लूट गया, हमारे सपने छिन गए।” परिवार आदित्य को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहता था।
परिजनों की मांग
मृतक के पिता ने कहा:
“जिसने मेरे 12 साल के बच्चे की जान ले ली, उसे फांसी की सजा होनी चाहिए। इस तरह के दरिंदों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।”
