अनुमंडल में जहां कोसी अभी स्थिर है, वहीं दूसरी तरफ गंगा में उफान जारी है। गंगा के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद नदीं खतरे के निशान 31.9 मीटर है, नदी वर्तमान में 30.94 मीटर पर बह रही है, यानी इससे महज 15 सेंटीमीटर नीचे। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। 24 घंटे पहले गंगा नदी का जलस्तर 30.84 मीटर था। जलस्तर में वृद्धि होने से इस्माइलपुर बिंद टोली व जमींदारी बांध पर नदी का दबाव बढ़ने लगा है। जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद अभी बांधों पर तो खतरा नहीं है, लेकिन गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि से पूरा इस्माइलपुर प्रखंड बाढ़ के पानी से घिर गया है। प्रखंड के आधा दर्जन गांवों की सड़क पर बाढ़ का पानी आ जाने से इन गांवों का अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क भांग हो गया है। प्रखंड के निचले भाग में भी पानी फैल चुका है।

अब नदी के बाढ़ का पानी नारायणपुर से प्रखंड मुख्यालय जाने वाली मुख्य सड़क कमलाकुंड हाईस्कूल के पास देर रात ध्वस्त हो गई। इस दौरान सड़क पार कर रहे एक साइकिल सवार जफरुदास टोला निवासी संजय मंडल और इस्माइलपुर का एक बाइक सवार युवक बाढ़ के पानी में बह गए, जिन्हें लोगों ने तत्काल तैर कर बचा लिया। इसके साथ ही इस्माइलपुर प्रखंड का अनुमंडल से सड़क संपर्क पूरी तरह से भंग हो हो गया। अब इस्माइलपुर के लोगों को अनुमंडल जाने के लिए बिंद टोली रिंग बांध होकर जाना पड़ेगा।

आने-जाने को मिली 3 सरकारी नाव

इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने कहा कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। आधा दर्जन गांव का सड़क संपर्क भांग हो चुका है। नारायणपुर से प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क देर रात कमलाकंुड हाईस्कूल के पास श्वस्त हो गई। पूरे इलाके में बाढ़ का पानी से भर चुका है। इस्माइलपुर सीओ सुरेश प्रसाद ने कहा कि गांवों का संपर्क भंग होन पर आवागमन के लिए सरकारी नाव की व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक स्तर से वर्तमान में तीन नाव का परिचालन किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन हर तहर से मुस्तैद है।

इस्माइलपुर की 30 हजार की आबादी का आवागमन प्रभावित

प्रखंड के निचले हिस्से में पानी भर जाने से प्रखंड के लगभग सभी गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गंगा के बाढ़ का पानी अब गांव की ओर बढ़ रहा है। प्रखंड के वेदी राय टोला स्थिति मध्य विद्यालय में गंगा नदी का बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। हालांकि खतरे की आशंका को भांपते हुए पूर्व से ही प्रशासन ने विद्यालय को बंद करा दिया था। नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से इस्माइलपुर प्रखंड के डिमडा दियारा, जफरुदासटोला, गोनरचक दियारा, कमलाकुन्ड, कांटीधार और गोपालपुर प्रखंड के नवटोलिया और बोचाही गांव जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी आ जाने से इन गांवों की 30 हजार से अधिक की आबादी का सड़क संपर्क भंग होने से आवागमन ठप हो गया है।

भिट्ठा नवटोलिया के पास सड़क में कटाव होने से संपर्क सड़क संपर्क भंग हो गया है। मंधत टोला और बेदीराय टोला सड़क पर पांच फीट पानी बह रहा है। इन गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। घर के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए हैं। स्थानीय लोगो का कहना है कि जिस गति से नदी में वृद्धि हो रही है। इससे दो दिनों के अंदर घरों में बाढ़ का पानी आ जाएगा। यहां लोगों के आवागमन का एक मात्र सहारा अब नाव ही बची है।

रिंग बांध का हो जाता निर्माण तो नहीं झेलना पड़ता बाढ़ का दंश

इस्माइलपुर प्रखंड के लोगों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण इस वर्ष हमलोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ रहा है। प्रशासन ने पहल कर यदि जाह्नवी चौक से इस्माइलपुर के बीच रिंग बांध का निर्माण पूरा कर दिया होता, तो पूरा प्रखंड बाढ़ के खतरे से सुरक्षित हो जाता। लोगों ने कहा कि बाढ़ आने के कारण जहां कलबलिया धार के पास 14 नंबर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। अब जगह-जगह बचाव के नाम पर सरकारी राशि खर्च की जा रही है।

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By न्यूज़ डेस्क

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