आयुक्त राजेश कुमार ने बुधवार को नवगछिया प्रखंड के ओडीएफ घोषित तेतरी पंचायत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तेतरी पंचायत में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत किए गए कार्य में काफी अनियमितता पाई। सात निश्चय योजना में अनियमितता को लेकर आयुक्त ने पंचायत में हुए कार्य की जांच कराने का निर्देश दिया है। आयुक्त ने बताया कि पंचायत में सात निश्चय योजना के तहत हुए कार्य मे काफी अनियमितता है। योजना का जो कार्य हुआ है उसमें योजना के लक्ष्य को ध्यान में नहीं रखा गया है। नल जल योजना के तहत बनने वालेमिनी जलमीनार जो महादलित मोहल्ले में बनना था। उक्त जलमीनार को संभ्रांत परिवार के घर के सामने बना दिया गया। निरीक्षण के दौरान महादलित परिवारों में ने पंचायत में शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की है। आयुक्त ने कहा कि सड़क के किनारे ओडीएफ घोषित पंचायत में महादलित परिवारों के द्वारा शिकायत की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि कार्य में काफी अनियमितता बरती गई है। शौचालय निर्माण के बाद मिलने वाले अनुदान राशि भी पेंडिंग होने की बात लोगों द्वारा बताई गई।
नदारद थे मुखिया और वार्ड सदस्य
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान वार्ड के वार्ड सदस्य, पीआरएस, स्वच्छता ग्राही एवं पंचायत के मुखिया उपस्थित नहीं थे। उन सबों से बुला कर इस संबंध में बात की जाएगी। आयुक्त नेनिरीक्षण के दौरान नवगछिया बीडीओ कुंदन कुमार को फटकार लगाई। आयुक्त ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सात निश्चय योजना की रूपरेखा महादलित टोला में स्पष्ट रुप सेदिखनी चाहिए लेकिन तेतरी पंचायत में ऐसा कुछ देखने को नहींं मिला। पंचायत में हुए सभी कार्य की गहनता से जांच कराई जाएगी।

सात निश्चय योजना में हुए काम में गड़बड़ी पाकर आयुक्त ने जांच के दिए निर्देश
बांध पर हुए पौध रोपण के लिए जांच टीम गठित
प्रमंडलीय आयुक्त ने बांध पर हुए वृक्षारोपण को लेकर जांच टीम का गठन किया है। आयुक्त ने बताया कि बांध पर हुए वृक्षारोपण में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि बांध पर मनरेगा विभाग द्वारा वृक्षारोपण किया गया है या फ्लड विभाग द्वारा। इसकी जांच को लेकर नवगछिया डीसीएलआर पीएन साह के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया है। टीम को अविलंब जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

नलजल योजना के काम पर भी जताई नाराजगी
आयुक्त ने कहा कि नल जल योजना का कार्य पीएचईडी विभाग को करना है। पूरे अनुमंडल में एक स्थान पर अब तक कार्य पूरा किया गया है वह भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएचईडी विभाग के द्वारा भी कार्य ठीक तरीके से नही किया गया है। इस संबंध में पीएचईडी विभाग के पदाधिकारियों से भी तलब किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि नल जल योजना का कार्यवित्तीय वर्ष 2018-19 तक पूरा करने का लक्ष्य है जो पूरा कर लिया जाएगा।

पटना से ही बाढ़ पीड़ितों के खाते में आएगी राशि
तेतरी पंचायत के निरीक्षण के बाद आयुक्त राजेश कुमार नवगछिया अनुमंडल कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एसडीओ मुकेश कुमार, डीसीएलआर सहित सभी प्रखंड के बीडीओ सीओ मौजूद थे। बैठक के दौरान उन्होंने अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में आई बाढ़ आपदा की समीक्षा की एवं प्रशासनिक स्तर से चलाए जा रहे राहत बचाव कार्य की भी जानकारी ली। आयुक्त ने बताया कि बाढ़ को लेकर सभी बीडीओ सीओ को प्रखंड में अनुश्रवण समिति की बैठक करने का निर्देश दिया गया है। अनुमंडल के इस्माइलपुर, नारायणपुर एवं रंगरा प्रखंड बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ प्रभावित लोगों के खाते में पटना से ही राशि ट्रांसफर हो जाएगी।
वेटनरी के डॉक्टर बैठक में नहीं थे, रोका गया वेतन |आयुक्त ने कहा कि बाढ़ के कारण प्रखंड में हुई फसल क्षति का सर्वे का कार्य नहीं हो पाया है। फसल क्षति का सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। पशुओं के इलाज के लिए चिकित्सक के साथ-साथ दवाई भी उपलब्ध कराया गया है। बैठक में अनुपस्थित पशु चिकित्सक का वेतन रोका गया है।


