भागलपुर जिले के छोटे से गांव से निकलकर नवगछिया महदत्तपुर के छात्र अश्वनी आनंद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कामयाबी का परचम लहराते हुये नवगछिया का नाम रौशन कर रहे हैं। उज्जैन में चल रहे कालिदास संस्कृत अकादमी में कालिदास की रचना विक्रमोर्वशीयम थीम के ऊपर पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है जिसमे चित्रकार अश्वनी आनंद का चयन हुआ और इनकी प्रदर्शनी लगी हुई है। इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक भारतीय चित्र एवं मूर्तिकला का चयन होता है। प्रदर्शनी हेतु यहां पर पूरे भारत की लोक कला से जुड़े पेंटिंग चयनित किए जाते हैं और इस प्रदर्शनी में चित्रकार अश्वनी आनंद अपने क्षेत्र की लोककला मंजूषा आर्ट में विक्रमोर्वशीयम की थीम को मंजूषा शैली में बनाकर प्रदर्शनी में लगाए हुए हैं।
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पेंटिंग में उन्होंने 30 दिन में 6 ब्लॉक में कहानी तैयार की है और दो बॉर्डर के साथ फैब्रिक कलर कैनवास के ऊपर यह पेंटिंग बनाई गई है। इस प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से विभिन्न कलाओं से जैसे कांगड़ा शैली, मधुबनी शैली, हिमाचल मेवाड़ शैली, कुल्लू पेंटिंग पट चित्र, राजस्थानी शैली, मुगल शैली, मिनिएचर पेंटिंग पूरे भारत की लोक कला से जुड़े पेंटिंग यहां पर इस गैलरी प्रदर्शनी में लगी हुई है। यह प्रदर्शनी 4 नवंबर से लेकर 10 नवंबर तक चलेगी।
यहां पर मंजूषा पेंटिंग को काफी लोग पसंद कर रहे हैं। बहुत से दर्शकों को यहां मंजूषा कला के बारे में पता नहीं था। मंजूषा कला के बारे में उन्होंने जाना और पेंटिंग को खूब पसंद कर भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं। सबके लिए मंजूषा पेंटिंग बहुत ही यूनिक और मन को भा रहा है।

इस तरह की राष्ट्रीय स्तर पर कालिदास संस्कृत अकादमी में मंजूषा पेंटिंग की प्रदर्शनी लगी है। यह भागलपुर वासी के लिए बहुत ही गर्व की बात है।
अश्वनी आनंद की पेंटिंग अभी तक बिहार सहित भारत के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनी में लग चुकी है। हाल ही में बिहार संग्रहालय में इनकी पेंटिंग प्रदर्शनी लगी थी।
