नवगछिया । बिहपुर थाना के सोनवर्षा महादलित टोला में एक ही कमरे में सोए  पति पत्नी और तीन मासूम  बच्चे के खून से लथपथ मिलने की घटना के कई दिन बीत जाने के बाद  भी पुलिस घटना के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस घायल भूपेंद्र का बयान नहीं ले पाई है। बिहपुर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह फर्द बयान लेने के लिए कई बार मायागंज अस्पताल का चक्कर लगा चुके है लेकिन वह बयान देने में नाटक कर रहा  है।

रविवार को भी जब पुलिस उसका बयान लेने मायगंज अस्पताल पहुची तो वह मानसिक रोगी के तरह व्यवहार करने लगा। वह बार बार पुलिस को देखते ही रोने लगता और पुलिस बिना फर्द बयान लिए वापस लौट आती है।  पुलिस असमंजस  की स्थिति में है। वहीं उसके घर मे लोग डरे-सहमे हैं।

एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि घायल भूपेंद्र लगातार नाटक कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है लेकिन वह बच नहीं सकता है उसे बयान देना होगा। उससे कड़ाई से पूछताछ की जाएगी । एसडीपीओ ने कहा कि उसके चुप रहने से यह स्पस्ट हो गया कि घटना को उसने ही अंजाम दिया है। अब सिर्फ उसके मुंह से सुनना है कि किस कारण उस ने पूरे परिवार पर जानलेवा हमला किया जिसमें दो बच्चे की मौत हो गयी।

एसडीपीओ ने कहा कि बन्द कमरे में सभी लहूलुहान पाए गए जिसमे दो बच्चे की दर्दनाक मौत हुई है। घटना के विषय मे भूपेंद्र की चुप्पी यह साबित करती है कि उसने ही घटना को अंजाम दिया है और बचने के लिये खुद घायल होने का नाटक किया है। एसडीपीओ ने कहा कि सोमवार को कड़ाई से उससे पूछताछ की जाएगी उसे आखरी मौका दिया जाएगा।उसके बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा।

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By न्यूज़ डेस्क

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