भागलपुर : कदवा दियारा में गरुड़ की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए राज्य सरकार ने 53.13 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने इस संबंध में डीएम को पत्र लिखा है। एक ओर जहां कंबोडिया और असम में दुर्लभ बड़े गरुड़ की संख्या कम हो रही है, वहीं नवगछिया में इसकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

स्टॉर्क प्रजाति की पक्षियों को भागलपुर की आवोहवा पसंद आ गई है। दुर्लभ बड़ा गरुड़, छोटा गरुड़, लोहा सारंग के बाद अब जांघिल और घोंघिल पक्षियों ने भी इस क्षेत्र में अपना बसेरा बना लिया है। इसको देखते हुए सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए राशि स्वीकृत की है। जो राशि स्वीकृत की गई है, उससे जो काम होना है उसका भी ब्योरा दिया गया है। इस राशि से सेटेलाइट जीपीएस, स्टील और वीडियो कैमरा की खरीद होगी तो जीपीएस रिसीवर और दूरबीन की भी खरीद होगी। पेड़ के नीचे सुरक्षा जाल लगाया जाएगा और ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

2006 में दुर्लभ गरुड़ ने डाला था डेरा

कंबोडिया और असम के बाद दुर्लभ बड़ा गरुड़ ने 2006 में कोसी कदवा दियारा को अपना प्रजनन केंद्र बनाया। उस समय मात्र 15 से 16 ही घोंसले थे। अभी इसकी आबादी 14 सौ से 15 सौ तक पहुंच गई है। जहां एक ओर कंबोडिया में इसकी संख्या घटकर सौ से डेढ़ सौ और असम में पांच सौ से छह सौ रह गई है, वहीं कदवा में इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet