नवगछिया में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संदिग्धों की जांच में जुटी हुई है। राहत की बात है कि दो दिन पूर्व अनुमंडल अस्पताल से भेजे गए 29 संदिग्धों में 23 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आया है। जबकि छह लोगों की रिपोर्ट आना शेष है। 23 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। वहीं शहर के लोगों में भी खुशी है। अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि सोमवार को जिन लोगों का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है उन सभी को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
इधर नगर पंचायत में कोरोना से ठीक हुए मरीज के घर से तीन किलोमीटर की परिधि में रहने वाले 40 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का काम सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरा कर लिया। अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि टीम द्वारा जिन लोगों को चिन्हित किया गया है। उन लोगों की जांच की जा रही है। मुस्लिम एरिया में रहने वाले कुछ लोगों ने स्क्रिनिंग नहीं कराई। इसकी जानकारी एसडीओ और एसपी को दे दी गई है। दूसरी ओर रविवार को दो किराना दुकानदारों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को एक भी दुकानें नहीं खुलीं। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए लोग घर से बाहर नहीं निकले। सड़क और मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं संबंधित दुकानदारों ने लोगों की मांग पर उनके घर तक जरूरी सामान पहुंचवाया।

आइसोलेशन वार्ड से कुछ संदिग्धों ने भागने का किया प्रयास, एसपी ने अस्पताल में की पुलिस की तैनाती
अनुमंडल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किए गए संदिग्ध बाहर निकलकर घूमते हैं। कुछ संदिग्ध अस्पताल से भागने का भी प्रयास करने लगते हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने एसपी निधि रानी से अस्पताल में पुलिस फोर्स की व्यवस्था करने की मांग की है। इस पर एसपी निधि रानी ने देररात अस्पताल परिसर में पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति कर दी।
एसडीओ ने कहा-स्क्रीनिंग रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही शहर से सील हटाने पर लिया जाएगा निर्णय
नवगछिया में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद अनुमंडल प्रशासन ने शहर को 3 किलोमीटर के दायरे में सील कर दिया है। पिछले नौ दिन से शहर के लोग घर में रह रहे हैं। शहर की सभी दुकानें बंद है। हालांकि प्रशासन स्तर से लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई है। लोग प्रतिबंध हटाने के लिए अनुमंडल प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि स्क्रिनिंग रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी के साथ इसकी समीक्षा होगी। डीएम के निर्देश के बाद ही शहर के सील रखने या प्रतिबंध हटाने पर निर्णय लिया जाएगा।


