नवगछिया की तेतरी पंचायत की रहने वाली रुक्मिणी देवी की बनाई गई मंजूषा कलायुक्त सूपों की डिमांड है। वह सुप्रिया जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। यह समूह एकता जीविका महिला ग्राम संगठन और श्रृष्टि जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ से सम्बद्ध है।

रुक्मिणी रंग-बिरंगे और आकर्षक पेंटिंग से इन सूपों को सजाती हैं और इसे बेचती हैं। आस्था का महापर्व छठ के लिए लोग ऐसे सुंदर-सुंदर सूपों को खूब पसंद करते हैं। श्रद्धालु इन सूपों को खरीदकर छठी मइया की पूजा करते हैं। मंजूषा कला से युक्त ये मनमोहक सूप छठ पर्व में घाटों की शोभा बढ़ाते हैं।

जीविका के डीपीएम सुनिर्मल गरेन ने बताया कि रुक्मिणी पिछले 3-4 सालों से इस कला से जुड़ी हैं। पिछले वर्ष उन्होंने करीब 100 से ज्यादा सूपों को तैयार कर इसकी बिक्री की थी। इस वर्ष भी उन्होंने सूपों का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। वह इन आकर्षक सूपों को प्रति सूप 250 रुपए की दर से बेचती हैं।

रुक्मिणी मंजूषा पेंटिग से कई प्रकार की वस्तुओं का निर्माण करती हैं। वह साड़ी, स्टॉल, चादर सहित अन्य प्रकार की वस्तुओं में मंजूषा पेंटिग बनाने का कार्य करती है। मंजूषा पेंटिग ने लोक कला में पारंगत रुक्मिणी के जीवन में खुशियों का रंग भर दिया है

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By न्यूज़ डेस्क

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