जिउतिया को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़, पांच गुना बढ़ी खरीदारी; सब्जियों के दाम 3 गुना तक चढ़े
भागलपुर। संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और कुशल-मंगल की कामना को लेकर मनाए जाने वाले लोक आस्था के महापर्व जिउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। शुक्रवार को व्रत का नहाय-खाय होगा। इसे लेकर सुबह से ही शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान करने वाली व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। शनिवार को महिलाएं निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से जिउतिया का पूजन करेंगी।
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पर्व को लेकर गुरुवार को भागलपुर के बाजारों में आम दिनों की तुलना में करीब पांच गुना तक अधिक खरीदारी हुई। पूजन सामग्री, जितमान धागा, खाजा-खज्जी, पिरिकिया, ठेकुआ और जिउतिया में इस्तेमाल होने वाली मौसमी सब्जियों की दुकानों पर सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ लगी रही।
गिरधारी साह हाट में सब्जियों के दाम दो से तीन गुना बढ़े
जिउतिया पर्व की खरीदारी का सबसे अधिक असर गिरधारी साह हाट स्थित सब्जी मंडी में देखने को मिला। थोक और खुदरा बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ के बीच कई पारंपरिक सब्जियों के भाव दो से तीन गुना तक बढ़ गए।

सब्जी विक्रेताओं के अनुसार, पर्व में विशेष रूप से इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की मांग अचानक बढ़ी है। वहीं हाल में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण कुछ क्षेत्रों से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है।
सब्जी विक्रेता मुन्ना प्रसाद ने बताया कि जिउतिया को लेकर खमरूआ, झिंगली, भटा, कच्चू, ककोरी समेत कई सब्जियों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है।
| सब्जी | खुदरा बाजार भाव |
|---|---|
| खमरूआ एवं झिंगली (तोरई) | ₹50-60 प्रति पाव, करीब ₹200/किलो |
| भटा (गोल बैंगन) | ₹100/किलो |
| कच्चू (अरबी) | ₹50/किलो |
| छोटी ककोरी | ₹150/किलो |
| बैंगन | ₹60/किलो |
| भिंडी | ₹40-50/किलो |
| हरी मिर्च | ₹80-100/किलो |
| धनिया पत्ती | ₹200-300/किलो |
| टमाटर | ₹50-60/किलो |
| लाल साग | ₹60-70/किलो |
| परवल | ₹70/किलो |
| बोड़ा (बरबट्टी) | ₹60/किलो |
| फूलगोभी | ₹40-80 प्रति पीस |
| पत्तागोभी | ₹50/किलो |
| खीरा | ₹80-100/किलो |
पर्व में विशेष महत्व रखने वाला नोनी साग ₹10 से ₹15 प्रति पाव और झिंगली का पत्ता ₹1 से ₹2 प्रति पीस बिका।
फलों की खरीदारी में भी तेजी
जिउतिया को लेकर फलों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। सेब ₹100 से ₹120 प्रति किलो और खीरा ₹80 से ₹100 प्रति किलो बिका। कारोबारियों के अनुसार पर्व की मांग बढ़ने से कई मौसमी फलों के दाम में सामान्य दिनों की तुलना में करीब ₹10 से ₹20 प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है।
खाजा, पिरिकिया और ठेकुआ के दाम भी बढ़े
जिउतिया को लेकर शहर के चौक-चौराहों और प्रमुख बाजारों में खाजा, पिरिकिया और ठेकुआ की दुकानें सज गई हैं। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर इन पारंपरिक पकवानों पर भी पड़ा है।
मिठाई विक्रेता नंदकिशोर साह के अनुसार, पहले ₹180 से ₹200 प्रति किलो बिकने वाला खाजा अब ₹200 से ₹240 प्रति किलो तक पहुंच गया है। शहर के बाहरी इलाकों में खाजा करीब ₹150 से ₹160 प्रति किलो, जबकि मुख्य शहरी क्षेत्र में ₹180 से ₹200 प्रति किलो बिक रहा है।
वहीं सामान्य दुकानों पर पिरिकिया ₹240 प्रति किलो और ठेकुआ ₹200 प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
देसी घी से बने पकवान सबसे महंगे
जिउतिया में शुद्ध घी से तैयार पकवानों की भी मांग बनी हुई है। आदर्श जलपान के संचालक बलराम झुनझुनवाला ने बताया कि रिफाइन में तैयार ठेकुआ और खाजा ₹300 प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
वहीं शुद्ध देसी घी से तैयार ठेकुआ और खाजा ₹500 प्रति किलो, सूखा पिरिकिया ₹800 प्रति किलो और रसदार पिरिकिया ₹700 प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।
पर्व की खरीदारी को लेकर बाजारों में देर रात तक चहल-पहल बनी रही। शुक्रवार को नहाय-खाय और शनिवार को निर्जला व्रत व पूजन को देखते हुए बाजार में भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।
