नवगछिया : परबत्ता थाना क्षेत्र के जपतेली गांव के मकई के खेत में ले जाकर 10 वर्षीय किशन की हत्या दूसरे दिन भी आसपास के इलाका में सन्नाटा पसरा था। गांव में इस बात की चर्चा है कि आखिर क्यों बच्चे को इतनी बेरहमी से मार दिया गया। गांव में तरह-तरह के चर्चे चल रहे हैं। कुछ ग्रामीण दबी जुबान से बता रहे हैं कि मकई खेत में गुरुवार की देर शाम गांव का ही एक दबंग कुछ ऐसा कुकृत्य कर रहा था जो समाज में पचने लायक नहीं था। किशन ने उस घटना को अपनी आंखों से देख लिया।
इसके बाद उसकी दबंग ने अपने राज को सदा के लिए दबाने के लिए किसान को मौत की नींद सुला दी। इधर शव बरामदगी के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से घटना स्थल की छानबीन की है। खोजी कुत्तों की छानबीन से कुछ खास सफलता तो नहीं मिली लेकिन किशन को कैसे मारा गया, अपराधियों की चहलकदमी किस ओर ज्यादा हुई, इस बात को खोजी कुत्तों ने जरूर इंगित किया। घटनास्थल के पास ही एक लेडीज चप्पल मिला है जो गिली मिट्टी में सना हुआ था।

इस चप्पल का वारदात के साथ कोई वास्ता है या नहीं, इसके लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। किशन के शव बरामदगी के 24 घंटे बाद भी मामले की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गयी है। हत्या के क्या कारण रहे वह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। गांव में किशन के पिता से किसी को ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि कोई उसके दस वर्षीय मासूम पुत्र की हत्या कर दे।बात सामने आ रही है कि होली की रात को किशन घर में आठ बजे था। गांव में डेजी बजने की आवाज आयी तो वह बाहर चला गया।


