खरीक। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर ध्रुवगंज नई दुर्गा मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय रामकथा के चौथे दिन कथावाचक मांगन बाबा ने प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान राम केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि जीवन की अनंत मर्यादा, चरित्र की गहराई और कर्मसाधना की दिव्यता हैं।
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उन्होंने कहा कि रामकथा हमें जीने की कला सिखाती है। यह कथा सत्य, त्याग और कर्मयोग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। रामकथा में हर हृदय को अपने भीतर की त्रासदी और अनुराग का साक्षात्कार करना पड़ता है।
मांगन बाबा ने उदाहरण देते हुए कहा कि भरत का सिंहासन त्याग, लक्ष्मण का सेवा भाव और माता सीता का धैर्य केवल कथा के पात्र नहीं, बल्कि जीवन के अस्तित्व और दर्शन हैं। यही कारण है कि रामकथा हमारे समाज और संस्कृति में आज भी प्रासंगिक है और हर पीढ़ी को मार्गदर्शन देती है।

