नवगछिया : नगरह निवासी कैलाश प्रसाद सिंह की मौत प्रसाद खाने से नहीं बल्कि पुरानी बीमारी के कारण हुई है. कैलाश प्रसाद सिंह के पुत्र केसर प्रसाद सिंह ने बताया कि उनके पिताजी को हर्ट और लीवर में समस्या थी जिसके कारण वह प्रत्येक माह पटना इलाज कराने के लिए जाते थे. पिछले माह में ही उन्हें चिकित्सकों ने जवाब दे दिया था. शुक्रवार को वे लोग एक बार फिर चिकित्सक से दिखाने के लिए पटना गए थे लेकिन वहां चिकित्सक ने उन्हें चंडीगढ़ में दिखाने की सलाह दी. उन लोगों ने सोचा कि पहले वे लोग घर जाएंगे और चंडीगढ़ जाने की तैयारी करेंगे. वे शनिवार को इंटरसिटी एक्सप्रेस से वापस नवगछिया अपने पिताजी को लेकर आ रहे थे. इंटरसिटी एक्सप्रेस नारायणपुर के आस पास पहुंची थी कि उनकी स्थिति काफी गंभीर हो गई और वहीं पर उन्होंने शरीर त्याग कर दिया. मृतक के पुत्र ने कहा कि प्रसाद खाने की वजह से हुई मौत अफवाह है और पूरी तरह से झूठी है. बीमारी के वजह से उन्होंने तो प्रसाद ग्रहण भी नहीं किया था. मृतक कैलाश प्रसाद सिंह अपने पीछे चार पुत्रों को छोड़ गए. श्री सिंह की मृत्यु के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं.

सबों की स्थिति हो रही है सामान्य

प्रसाद खाने के बाद बीमार पड़े 50 से अधिक लोगों में से अधिकांश की स्थिति अब सामान्य होने लगी है. हालांकि के इक्के दुक्के लोग हैं जिनका अभी भी इलाज चल रहा है जिनमें गांव की ही नीलू सिंह अभी भी पूर्णतः ठीक नहीं हुई है. नीलू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी स्थिति में काफी सुधार है और वह अब ज्यादा बीमार नहीं है. दूसरी तरफ अपना नाम ना छापने के साथ पर एक ग्रामीण चिकित्सक ने कहा कि 4 से 5 लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है लेकिन उन लोगों की जान खतरे से बाहर है. ग्रामीण चिकित्सक ने कहा कि कैलाश प्रसाद सिंह की मौत प्रसाद खाने से नहीं बल्कि पुरानी बीमारी से हुई है. उन्हें जानकारी है कि कैलाश प्रसाद सिंह करीब डेढ़ वर्ष से पटना में इलाज करवा रहे थे.

कैलाश प्रसाद सिंह के लिए ही किया गया था महामृत्युंजय मंत्र जाप का आयोजन

जानकारी मिली है कि कैलाश प्रसाद सिंह करीब डेढ़ वर्ष से बीमार थे इसी कारण उनके परिजनों ने किसी धर्म गुरु के सलाह पर महामृत्युंजय जाप का आयोजन किया था. जाप संपन्न होने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया था लेकिन परिजन बता रहे हैं कि कैलाश प्रसाद सिंह ने प्रसाद ग्रहण भी नहीं किया था. ग्रामीण इतना जरूर कहते हैं कि प्रसाद जहरीला जरूर था जिसे खाने के 2 घंटे बाद ही लोगों को पहले पेट दर्द फिर उल्टी और दस्त की शिकायत हुई. ग्रामीण बुद्धिजीवियों ने बताया कि यह एक बुरा दौर था और यह अब टल गया है. गांव की स्थिति अब पूरी तरह से सामान्य है.

कहते हैं चिकित्सक

नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वरुण ने कहा कि कैलाश प्रसाद सिंह की मौत प्रसाद खाने की वजह से नहीं हुई है. उन्हें जानकारी मिली है कि वे देश भर से बीमार थे और बीमारी के वजह से ही उनकी मौत हुई है.

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *